भालूकोना में ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार 

भालूकोना में ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार 

महासमुंद जिले में लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना

रायपुर (चैनल इंडिया)। महासमुंद के भालूकोना में ‘निकल-कॉपर-पैलेडियम’ खदान में 1.3 किमी तक खनिज की पुष्टि मिल गई है। यह देश की पहली खदान होगी जिसमें इतनी बड़ी मात्रा में दुर्लभ खनिज मिल रहे हैं। डेक्कन गोल्ड माइंस को आवंटित इस खदान में अभी तक करीब 430 मीटर की लंबाई और 200 मीटर से ज्यादा की गहराई तक निकल, कॉपर और पैलेडियम मिल चुका है।

इस इलाके में पेंटलैंडाइट, चाल्कोपायराइट और पायरोटाइट सल्फाइड मिले हैं। ये खनिज बताते हैं कि जमीन के नीचे निकल और कॉपर का बहुत बड़ा भंडार है। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाडिय़ों, साफ ऊर्जा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में होता है। कंपनी अब तक 9 ड्रिल होल करके 1500 मीटर की ड्रिलिंग पूरी कर ली है। जांच में जो खास बातें सामने आई हैं उनमें 15 मी. गहराई तक 0.31% निकल इक्विवेलेंट मिला। 36 मीटर गहराई तक 0.23% निकल इक्विवेलेंट मिला। छह मी. गहराई तक 0.39% निकल इक्विवेलेंट मिला तथा कुछ खास हिस्सों में यह मात्रा 1.29 प्रतिशत तक पाई गई है।

डेक्कन गोल्ड माइंस के एमडी डॉ. हनुमा प्रसाद मोदली ने बताया कि नतीजे बेहद उत्साहजनक हैं। हम जल्द से जल्द माइनिंग लीज के लिए आवेदन करेंगे। मानसून के दौरान जमीन के ऊपर का सर्वे और मिट्टी की जांच जारी रहेगी। बारिश खत्म होते ही ड्रिलिंग का काम फिर से तेजी से शुरू किया जाएगा।