बिलासपुर (चैनल इंडिया)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के दो दिवसीय बिलासपुर प्रवास के बीच छत्तीसगढ़ में संघ के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। संघ की आगामी अखिल भारतीय स्तर की बैठक में छत्तीसगढ़ को रायपुर और बिलासपुर, दो प्रांतों में विभाजित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ संघ की संगठनात्मक व्यवस्था 11 विभागों में बंटी हुई है। प्रस्तावित बदलाव के तहत रायपुर में छह और बिलासपुर में पांच विभाग शामिल किए जाने की संभावना है।
डॉ. मोहन भागवत गुरुवार को बिलासपुर पहुंचे। वे कोनी स्थित सरस्वती आवासीय महाविद्यालय में आयोजित संघ के बौद्धिक वर्ग और महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ देश, समाज तथा संगठन के भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। आज छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक प्रस्तावित है। इसमें बिलासपुर नगर के 11 उपनगरों सहित प्रदेशभर के संघ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। संघ की रणनीति में युवाओं को संगठन से जोडऩे पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
देशभर में युवाओं के आंदोलनों और बदलते सामाजिक परिवेश को देखते हुए 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत संघ के साथ-साथ उससे जुड़े विभिन्न आनुषंगिक संगठनों की गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को जोडऩे की रणनीति बनाई जा रही है। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा के युवाओं को मार्गदर्शन देने की संभावना भी जताई गई है। पदाधिकारी और योजना प्रमुख अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इन बैठकों में अब तक हुए कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगामी गतिविधियों की रूपरेखा तय की जा सकती है।