भिलाई: छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई स्थित एक निजी फिजिक्स कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग जाने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इमारत की ऊपरी मंजिल से अचानक धुएं का काला गुबार उठता देख आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और विद्यार्थियों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। गनीमत यह रही कि समय रहते सतर्कता बरतते हुए परिसर से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, धुएं से अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिलाई के व्यस्त व्यावसायिक इलाके में स्थित सेंटर में अचानक आग की लपटें और धुआं दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत में धुआं भर गया। आग लगने का प्रारंभिक कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। घटना के वक्त संस्थान के भीतर मौजूद कर्मचारियों और विद्यार्थियों को जैसे ही धुएं और जलने की गंध का अहसास हुआ, वे तुरंत बाहर की ओर भागे। आग की भयावहता को देखते हुए एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों और पड़ोसी परिसरों को भी तुरंत खाली करा लिया गया।
दमकल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पाया गया काबू
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर फाइटर्स ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पानी की बौछारें शुरू कीं और लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। पुलिस और दमकलकर्मियों की त्वरित मुस्तैदी के कारण आग को आसपास की अन्य व्यावसायिक इमारतों और दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। इस घटना में कोचिंग सेंटर में रखे कुछ फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और शैक्षणिक सामग्री जलकर क्षतिग्रस्त हो गई है, हालांकि किसी जनहानि या नागरिक के घायल होने की खबर नहीं है।
सुरक्षा मानकों की जांच में जुटा प्रशासन, जांच शुरू
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा आग लगने के सटीक कारणों की पड़ताल की जा रही है, साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कोचिंग संस्थान में अग्निशमन सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का पालन किया जा रहा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि शहर के सभी कोचिंग संस्थानों व व्यावसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी उपकरणों और एनओसी की जांच के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना और सुरक्षा लापरवाही से बचा जा सके।