कृष्णा विकास ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने मनाया 'वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे'
रायपुर। कृष्णा विकास ग्लोबल यूनिवर्सिटी के तहत कृष्णा के विकास इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च ने 'वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे' बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस वर्ष की मुख्य थीम "हेल्दी फ्यूचर के लिए फार्मासिस्ट को मज़बूत बनाना" थी, जबकि फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया की सब-थीम "स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का मुकाबला करना" रही। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद एक कीनोट थीम एड्रेस हुआ और स्कूल ऑफ़ फार्मेसी के हेड डॉ. संदीप कुमार सोनकर ने फार्मासिस्ट डे की ऑफिशियल शपथ दिलाई।
समारोह के दौरान जाने-माने स्पीकर्स ने अपनी दूरदर्शी सोच साझा की। रजिस्ट्रार डॉ. रितेश देवांगन ने बताया कि कैसे पाइथन प्रोग्रामिंग और मशीन लर्निंग भविष्य के फार्मासिस्ट को तकनीकी रूप से मज़बूत बनाएंगे। IQAC की डायरेक्टर डॉ. सीमा अग्रवाल ने प्रोफेशनल ईमानदारी और इंटीग्रिटी पर ज़ोर दिया। वहीं, माननीय वाइस चांसलर प्रो. वाई. नरसिम्हुलु ने स्टूडेंट्स को प्रेरित किया कि वे मॉडर्न मेंटल हेल्थ की मुश्किलों से निपटने के लिए वेलनेस कोच और एंटरप्रेन्योर के तौर पर अपनी भूमिका निभाएं।
इस सेलिब्रेशन में खुशी से केक काटा गया और संस्थान के लिए कुछ गर्व के पल भी सामने आए। स्पोर्ट्स में कामयाबी के लिए सौम्या गिरी गोस्वामी को और नेशनल GPAT एग्जाम पास करने के लिए टेमन साहू को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, स्टूडेंट्स ने अलग-अलग तरह के इवेंट्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया—जिसमें लीफलेट बनाना, साइंटिफिक पोस्टर प्रेजेंटेशन, क्विज़, साइंस-टून से लेकर रील बनाना, एक शानदार नुक्कड़ नाटक और ब्लड डोनेशन कैंप जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं।
प्रोग्राम का अंत एकेडमिक हेड सरस्वती प्रसाद मिश्रा के एक प्रेरणा देने वाले वोट ऑफ़ थैंक्स के साथ हुआ। उन्होंने दर्शकों को याद दिलाया कि कैसे फार्मासिस्टों ने छह साल पहले COVID-19 महामारी के दौरान फ्रंटलाइन पर खड़े होकर दुनिया को बड़ी ताकत से बचाया था।
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