नई दिल्ली: 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पावन माना गया है। भाद्रपद माह के इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की उपासना का विशेष विधान है। किसी भी मांगलिक या नए कार्य की शुरुआत से पहले दिन के शुभ मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति और राहुकाल का विचार करना बेहद जरूरी माना जाता है।
तिथि, नक्षत्र और योग
27 अगस्त को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रहेगी, जिसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ होगा। नक्षत्रों की बात करें तो इस दिन शतभिषा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र की शुरुआत होगी। दिन में अतिगण्ड योग का निर्माण हो रहा है। करण की दृष्टि से पहले बव करण और तत्पश्चात बालव करण रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
आज सूर्योदय सुबह 05:57 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 06:48 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 06:30 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन 28 अगस्त को सुबह 05:20 बजे होगा। सूर्यदेव पूरे दिन सिंह राशि में विराजमान रहेंगे, वहीं चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण करने के बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
शुभ और अशुभ मुहूर्त
दिन में किसी भी नए व शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर 01:59 बजे से शाम 03:35 बजे तक रहेगा, इस अवधि के दौरान कोई भी नया निवेश या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहेगा, इसलिए दक्षिण दिशा की यात्रा करने से पहले थोड़ा दही या पीली मिठाई खाकर निकलना शुभ माना जाता है।