जल जीवन मिशन के 33 प्रतिशत नल कनेक्शन बंद : कागजों में बांटी गईं टंकियां, बड़ी स्कीम अधूरी

जल जीवन मिशन के 33 प्रतिशत नल कनेक्शन बंद : कागजों में बांटी गईं टंकियां, बड़ी स्कीम अधूरी
सीएजी की रिपोर्ट में 716 गांव ही ‘हर घर जल’ प्रमाणित
रायपुर (चैनल इंडिया)। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में कई गंभीर खामियां उजागर की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 33 प्रतिशत नल कनेक्शन बंद हैं। 19,656 में से केवल 716 गांव ही ‘हर घर जल’ प्रमाणित है। जबकि कागजों में पानी टंकियां बांटी गईं।
70 में से एक भी मल्टी-विलेज स्कीम पूरी नहीं हुई है। कमजोर योजना, खराब क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की लॉन्ग टर्म स्थिरता पर खतरा पैदा हो गया है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट को लेकर राज्य सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउस होल्ड टैप कनेक्शन लगाए गए। इनमें से 13.31 लाख यानी करीब 33 प्रतिशत कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। रिपोर्ट में इसके प्रमुख कारण सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप नहीं लगाए जाना बताया गया। राज्य के सभी 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही प्रमाणित हो सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी मिले जहां अधूरे कार्य के बावजूद गांवों को प्रमाणित कर दिया गया।