सिस्टम कमजोर होने से बढ़ेगा तापमान
रायपुर (चैनल इंडिया)। राज्य में इन दिनों मौसम तेजी से करवट ले रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम कमजोर पड़ गया है, जिससे प्रदेश में गर्मी लौटने लगी है। इसी बीच मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तिथि से पहले प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे प्रदेशवासियों को उमस और गर्मी के बीच मिलने वाली राहत की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रदेश में लंबे समय तक गर्मी को थामे रखने वाला सिस्टम अब आगे बढ़ते-बढ़ते कमजोर हो चुका है। इसके चलते दोपहर बाद होने वाली अंधड़ और बरसात की गतिविधियां लगभग थम गई हैं। सोमवार को बादल छंटते ही तेज धूप निकल आई, जिसने वातावरण में मौजूद नमी के साथ मिलकर गर्मी को और अधिक तीखा बना दिया। रायपुर का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री और बिलासपुर का तापमान 43 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अधिकतम तापमान में अगले दिनों में तीन से चार डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि नमी अधिक होने से लू चलने की संभावना कम बनी हुई है।
आने वाले दिनों में आद्र्रता का स्तर और बढऩे वाला है। गर्मी भले दिन में ज्यादा महसूस हो, लेकिन बेचैनी रात में और बढ़ेगी। हवा में लगातार बढ़ती नमी की वजह से रातें ज्यादा असहज होंगी। 26 मई के आसपास केरल तट पर मानसून के पहुंचने से प्रदेश में भी नमी से भरपूर हवाएं आने लगेंगी, जिससे रात की उमस और अधिक महसूस होगी।
‘नौतपा’ में 25 से पड़ेगी आग वाली गर्मी!
उत्तर भारत में अब असली गर्मी की एंट्री होने वाली है। 25 मई से दो जून तक चलने वाला ‘नौतपा’ इस बार लोगों के पसीने छुड़ाने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इन नौ दिनों में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है और सडक़ें तवे की तरह तपेंगी। नौतपा यानी साल के वो नौ दिन जब सूरज सबसे ज्यादा आग उगलता है। इस दौरान सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं। सिर्फ गर्मी ही नहीं, इस बार उमस भी लोगों को बेहाल करेगी। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाओं की वजह से पसीना सूखेगा नहीं और शरीर ज्यादा थका हुआ महसूस करेगा। डॉक्टरों ने हीट स्ट्रोक को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। हालांकि राहत की खबर ये है कि नौतपा खत्म होते ही मानसून की एंट्री शुरू हो जाएगी और फिर लोगों को झुलसाती गर्मी से राहत मिल सकती है।
छत्तीसगढ़ में मानसून 7-10 जून के बीच
मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई तक केरल पहुंच सकता है। यदि इसकी चाल सामान्य रहती है, तो यह 15 दिनों के भीतर मध्य भारत की ओर बढ़ता है। इसी आधार पर इस बार सात से दस जून के बीच मानसून के छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना जताई गई है। सामान्य तिथि 13 जून मानी जाती है, ऐसे में इस वर्ष इसके समय से पहले आने की उम्मीद बन गई है।