चेहरे पर शहद और जैतून का तेल लगाने से मिलते हैं अद्भुत फायदे: निखरेगी त्वचा, दूर होंगी झुर्रियां और रूखापन

चेहरे पर शहद और जैतून का तेल लगाने से मिलते हैं अद्भुत फायदे: निखरेगी त्वचा, दूर होंगी झुर्रियां और रूखापन

नई दिल्ली/लाइफस्टाइल: बदलती दिनचर्या, प्रदूषण और मौसम में उतार-चढ़ाव का सबसे पहला असर हमारी त्वचा पर देखने को मिलता है, यही वजह है कि आज के समय में लोग रासायनिक ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बजाय प्राकृतिक और घरेलू नुस्खों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। आयुर्वेद और प्राकृतिक सौंदर्य देखभाल में शहद और जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) का संयोजन त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। जैतून के तेल में प्रचुर मात्रा में विटामिन ई, एसेंशियल फैटी एसिड और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शुष्क और बेजान त्वचा को अंदर से पोषण प्रदान करते हैं। दूसरी ओर, शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है, जो हवा से नमी को सोखकर त्वचा के भीतर लॉक करने का काम करता है, जिससे इन दोनों का मिश्रण त्वचा की गहराई में जाकर रूखेपन को दूर करता है और कुदरती निखार लाता है।

समय से पहले चेहरे पर झुर्रियां, बारीक रेखाएं और त्वचा में ढीलापन आना आजकल एक आम समस्या बन चुकी है, लेकिन जैतून के तेल और शहद के मिश्रण में मौजूद पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट्स त्वचा के फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और ढलती उम्र के लक्षणों को धीमा करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, शहद में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मुहांसे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं और चेहरे की सूजन व लालिमा को कम करते हैं। इस मिश्रण के नियमित इस्तेमाल से त्वचा के पुराने दाग-धब्बे भी धीरे-धीरे हल्के पड़ने लगते हैं और चेहरे की रंगत में अद्भुत सुधार देखने को मिलता है।

इस प्राकृतिक फेस पैक को तैयार करना बेहद सरल है; एक कटोरी में एक चम्मच शुद्ध शहद और एक चम्मच जैतून का तेल मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे हल्के हाथों से चेहरे व गर्दन पर लगाएं। इसे लगभग 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें ताकि त्वचा इसके पोषक तत्वों को पूरी तरह अवशोषित कर सके, और इसके पश्चात ताजे पानी से चेहरा धो लें। हालांकि अत्यंत संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए। रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों के दुष्प्रभावों से बचते हुए स्वस्थ, बेदाग और निखरी रंगत पाने के लिए सप्ताह में दो से तीन बार इस घरेलू नुस्खे का प्रयोग एक सुरक्षित और बेहद कारगर विकल्प है।