स्लीपर कोच में भी बेड रोल सुविधा : अमरकंटक एक्सप्रेस में 30 से 70 तक के पैकेज,भुगतान कर ले सकेंगे चादर-तकिया

स्लीपर कोच में भी बेड रोल सुविधा : अमरकंटक एक्सप्रेस में 30 से 70 तक के पैकेज,भुगतान कर ले सकेंगे चादर-तकिया

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का रायपुर रेल मंडल यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं गुणवत्तापूर्ण यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में गाड़ी संख्या 12853/12854 दुर्ग–भोपाल–दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए भी भुगतान आधारित बेड रोल सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा के अंतर्गत यात्री निर्धारित शुल्क का भुगतान कर अपनी आवश्यकता के अनुसार बेड रोल प्राप्त कर सकते हैं।

यात्रियों की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 

*3 प्रकार के बेड रोल पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं

2 बेडशीट + 1 तकिया + 1 तकिया कवर – 70 मात्र

2 बेडशीट – 40 मात्र

1 तकिया + 1 तकिया कवर – 30 मात्र

यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में नियुक्त बेड रोल अटेंडेंट स्लीपर कोचों में नियमित रूप से भ्रमण करते हैं तथा यात्रियों की मांग के अनुसार बेड रोल उपलब्ध कराते हैं। निर्धारित शुल्क प्राप्त करने के उपरांत यात्रियों को विधिवत रसीद भी प्रदान की जाती है।

इस व्यवस्था के सुचारु संचालन हेतु अमरकंटक ट्रेन के एस-3 कोच की सीट संख्या 79 एवं 80 को भुगतान आधारित स्लीपर क्लास बेड रोल अटेंडेंट के लिए सीट किराया भुगतान पर आरक्षित किया गया है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान कर बेड रोल प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी यात्री को बेड रोल प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो वे संबंधित स्लीपर कोच के टीटीई से संपर्क कर इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
यह सुविधा 10 जुलाई 2026 से प्रारंभ की गई है, जिससे अब तक अनेक यात्री लाभान्वित हो चुके हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 10 से 15 बेड रोल पैकेट तथा 30 से 35 तकियों की मांग यात्रियों द्वारा की जा रही है। यात्रियों की बढ़ती मांग एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए भविष्य में इस सुविधा का और विस्तार किए जाने की संभावना है।
रायपुर रेल मंडल का लक्ष्य यात्रियों को अधिक सुविधाजनक एवं आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है। इसी उद्देश्य से भविष्य में मंडल की अन्य ट्रेनों के स्लीपर श्रेणी में भी भुगतान आधारित बेड रोल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।