कांजी हाउस में भूख से तड़पकर 11 मवेशियों की मौत: बदबू आने पर खुला राज, सरपंच, सचिव व ग्राम पटेल पर दर्ज कराई गई शिकायत

कांजी हाउस में भूख से तड़पकर 11 मवेशियों की मौत: बदबू आने पर खुला राज, सरपंच, सचिव व ग्राम पटेल पर दर्ज कराई गई शिकायत
राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव मुख्यालय से सटे बघेरा गांव स्थित कांजी हाउस में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के कारण 11 मवेशियों की भूख-प्यास से तड़प-तड़पकर मौत हो गई। शनिवार को 5 और रविवार को 6 मवेशियों ने दम तोड़ा। कांजी हाउस के भीतर बंद मृत मवेशियों के शवों से जब इलाके में भारी बदबू फैलने लगी, तब ग्रामीणों ने दरवाजा खोलकर देखा। अंदर इधर-उधर बिखरे पड़े मवेशियों के शवों को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ सोमनी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

ग्रामीणों और पूर्व सरपंच राजेंद्र यदु के अनुसार, फसलों को बचाने के उद्देश्य से लावारिस पशुओं को तार का घेरा बनाकर कांजी हाउस में रखा गया था। इसके सुचारू संचालन और चारे-पानी की व्यवस्था के लिए गांव के सरपंच पति हरीश देशमुख, सचिव राजकुमार देवांगन और ग्राम पटेल दुर्जन लाल देवांगन द्वारा हर घर से 200 रुपये प्रति माह चंदा वसूला जा रहा था। आरोप है कि एकत्रित की गई राशि का उपयोग पशुओं के चारे और पानी के लिए नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बिना कुछ खाए-पिए मवेशियों की अकाल मौत हो गई।

घटना के बाद गांव में तनाव और रोष का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी कई मवेशियों की मौत हुई थी, जिनके शवों को सुनसान जगहों पर चुपचाप फेंककर मामला दबाने का प्रयास किया गया था। पूर्व सरपंच राजेंद्र यदु, गोपाल देवांगन, त्रिलोक साहू, चुम्मन साहू और राजेंद्र देवांगन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जांच उपरांत दोषी सरपंच पति, सचिव और ग्राम पटेल के खिलाफ आपराधिक लापरवाही और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।