8 अक्टूबर पंचांग: जानिए शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि और राहुकाल; गुरुवार को श्रीहरि विष्णु पूजा और गुरु कृपा का विशेष योग

8 अक्टूबर पंचांग: जानिए शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि और राहुकाल; गुरुवार को श्रीहरि विष्णु पूजा और गुरु कृपा का विशेष योग
नई दिल्ली/रायपुर: 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जा रहा है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की इस पावन तिथि पर पंचांगीय गणनाओं के अनुसार शुभ और मांगलिक कार्यों के संपादन के लिए विशेष मुहूर्त बन रहे हैं। सनातन परंपरा में दैनिक पंचांग का अवलोकन कर दिनचर्या का आयोजन करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। गुरुवार का दिन सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु, माता लक्ष्मी और ज्ञान के कारक देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है, इसलिए आज के दिन तिथि, नक्षत्र और शुभ योगों का समन्वय विशेष फलदाई सिद्ध होने वाला है।

आश्विन कृष्ण पक्ष की तिथि, नक्षत्र और शुभ योग का विवरण

8 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तिथि विद्यमान रहेगी। पंचांगीय गणित के अनुसार इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का शुभ प्रभाव रहेगा, जो ज्ञान, स्थिरता और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन ब्रह्म योग और शुभ योग जैसे मंगलकारी योगों का निर्माण हो रहा है, जो किसी भी नए विद्यारंभ, व्यापारिक वार्ता, अनुबंध या प्रशासनिक कार्यों के लिए बहुत ही उत्तम वातावरण तैयार करते हैं। इसके साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि जैसे दुर्लभ योग की उपस्थिति से किए गए धार्मिक व सांसारिक अनुष्ठानों का अक्षय फल प्राप्त होता है।

राहुकाल और अशुभ मुहूर्त: इस समय में नया कार्य शुरू करने से बचें

हिंदू पंचांग में राहुकाल को किसी भी शुभ व नवीन कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत वर्जित माना गया है। 8 अक्टूबर, गुरुवार के दिन राहुकाल दोपहर के समय लगभग 01:30 बजे से 03:00 बजे के मध्य रहेगा। मान्यता है कि राहुकाल की इस अवधि में आरंभ किए गए कार्यों में अकारण रुकावटें, बाधाएं या मानसिक तनाव उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। अतः किसी भी महत्वपूर्ण वित्तीय सौदे, संपत्ति की खरीद-बिक्री या यात्रा की शुरुआत इस कालखंड के दौरान करने से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त यमगंड और गुलिक काल का भी समय अनुसार विचार करना हितकर रहेगा।

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और दिशाशूल का विचार

पंचांग के अनुसार 8 अक्टूबर को सूर्योदय प्रातःकाल लगभग 06:19 बजे होगा, जबकि सायं 05:59 बजे के आसपास सूर्यास्त दर्ज किया जाएगा। गुरुवार के दिन ज्योतिषीय नियमों के अनुसार दक्षिण दिशा में 'दिशाशूल' रहता है, जिसका तात्पर्य यह है कि इस दिशा में अकारण अथवा बिना विशेष तैयारी के यात्रा करना प्रतिकूल प्रभाव दे सकता है। यदि दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना अनिवार्य हो, तो घर से प्रस्थान करने से पहले थोड़ा सा दही या पीली सरसों खाकर निकलें और भगवान विष्णु का ध्यान करें, जिससे यात्रा सुखद और विघ्नमुक्त संपन्न होती है।

गुरुवार को श्रीहरि विष्णु एवं गुरु ग्रह की उपासना के विशेष उपाय

8 अक्टूबर के पावन अवसर को और अधिक फलदायी बनाने के लिए प्रातः स्नान के उपरांत पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है। भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी को चने की दाल, गुड़ और पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं तथा 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' अथवा 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का भक्तिभाव से जाप करें। इस दिन केले के वृक्ष में जल अर्पित कर हल्दी का तिलक लगाना तथा किसी निर्धन या मंदिर में पीले वस्त्र, चना दाल या फल का दान करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। इन सरल आध्यात्मिक उपायों का पालन करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे घर-परिवार में सुख, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में मधुरता का आगमन होता है।