पदभार संभालते ही एक्शन में डीसीपी अर्चना झा, 70 स्कूलों के प्राचार्यों को सख्त निर्देश

पदभार संभालते ही एक्शन में डीसीपी अर्चना झा, 70 स्कूलों के प्राचार्यों को सख्त निर्देश

रायपुर। पदभार संभालते ही पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉ. अर्चना झा ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के करीब 70 स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन से कहा गया कि विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें और नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने के लिए विशेष अभियान चलाएं।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) विवेक शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त गुरजीत सिंह, सुरेंद्र साय, सीमा अहिरवार सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य मौजूद रहे।

*PTM में अभिभावकों को करें जागरूक*

डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) के दौरान माता-पिता को यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत नाबालिग को वाहन चलाने देने पर वाहन मालिक या अभिभावक के खिलाफ ₹25 हजार तक का जुर्माना, छह माह तक की जेल सहित अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

*स्कूल बसों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन अनिवार्य*

बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक स्कूल बस का हर महीने कम से कम एक बार मैकेनिकल निरीक्षण कराया जाए तथा बस चालक और परिचालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए।

*बच्चों की सुरक्षा में सभी की जिम्मेदारी*

डीसीपी डॉ. झा ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है। सभी के समन्वित प्रयासों से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और बच्चों के लिए सुरक्षित यातायात वातावरण तैयार किया जा सकता है।

बैठक के अंत में सहायक पुलिस आयुक्त सीमा अहिरवार ने सभी प्राचार्यों से पुलिस के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। प्राचार्यों ने विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने, नाबालिगों के वाहन संचालन पर प्रभावी रोक लगाने और स्कूल बसों में सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने का भरोसा दिलाया।