छत्तीसगढ़ में 35 विभागों की 564 सेवाएं एक क्लिक पर, ढाई साल में 85 लाख आवेदन, 1273 नए मोबाइल टावर भी शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल सुशासन को नई गति देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के सीईओ मयंक अग्रवाल ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु, भारतनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी पहलें प्रदेश में सुशासन को मजबूत बना रही हैं और नागरिकों को पहले से अधिक आसान व पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।
*सेवा सेतु बना सबसे बड़ा डिजिटल सेवा मंच*
सचिव अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 29 अप्रैल 2026 को सेवा सेतु के उन्नत संस्करण का शुभारंभ किया था। वर्तमान में इस पोर्टल पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से अधिक का सफल निराकरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन जैसी सेवाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड वेरिफिकेशन, एसएमएस-व्हाट्सएप अपडेट और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
*1273 मोबाइल टावर शुरू, भारतनेट पर ₹3928 करोड़ खर्च होंगे*
राज्य के दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने के लिए ₹3928 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
*50 युवाओं को मिलेगी हाई-टेक आईटी ट्रेनिंग*
राज्य सरकार ने सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की है। IIIT नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस योजना के तहत 50 स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश में दक्ष आईटी विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें।
*खनिज ऑनलाइन से 30 हजार करोड़ से ज्यादा राजस्व*
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि विभाग द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं। खनिज ऑनलाइन 2.0 के जरिए जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को समयबद्ध ऑनलाइन अनुमोदन उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल, डिजिटल द्वार और एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS) जैसी डिजिटल व्यवस्थाएं भी प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।
*एआई मिशन और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा*
विभाग ने छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के जरिए युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप और सरकारी अधिकारियों के लिए एआई आधारित कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इसके साथ ही एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा भारत सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ ₹105.30 करोड़ की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित किए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा।
*छत्तीसगढ़ को अग्रणी डिजिटल राज्य बनाने का लक्ष्य*
सचिव अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल सरकारी कामकाज को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि हर नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एआई, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों के बेहतर उपयोग के जरिए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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