नए साल के संकल्पों में शामिल करें ये 5 हेल्थ टेस्ट, गंभीर बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर

नए साल के संकल्पों में शामिल करें ये 5 हेल्थ टेस्ट, गंभीर बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर

नई दिल्ली। अक्सर हम नए साल पर जिम जाने या डाइट कंट्रोल करने का संकल्प तो लेते हैं, लेकिन अपने शरीर की आंतरिक स्थिति को नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप (Preventive Health Checkup) के जरिए भविष्य में होने वाली बड़ी बीमारियों को समय रहते टाला जा सकता है। 2026 की स्वस्थ शुरुआत के लिए विशेषज्ञों ने इन 5 जांचों को अनिवार्य बताया है:

1. ब्लड शुगर और एचबीए1सी (Diabetes Screening)

आजकल कम उम्र में ही लोग डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। साल की शुरुआत में फास्टिंग ब्लड शुगर और पिछले 3 महीनों का औसत बताने वाला HbA1c टेस्ट जरूर कराएं। यह आपको प्री-डायबिटीज की स्थिति के बारे में चेतावनी दे सकता है।

2. ब्लड प्रेशर और लिपिड प्रोफाइल (Heart Health)

हाइपरटेंशन (BP) को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। नियमित बीपी चेकअप के साथ लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना भी जरूरी है। इससे आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर का पता चलता है, जो हृदय रोगों और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

3. लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट (LFT & KFT)

अस्वास्थ्यकर खान-पान और प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर हमारे लिवर और किडनी पर पड़ता है।

  • LFT (Liver Function Test): इससे फैटी लिवर या इन्फेक्शन का पता चलता है।

  • KFT (Kidney Function Test): यह टेस्ट यूरिया और क्रिएटिनिन के जरिए किडनी की कार्यक्षमता की जांच करता है।

4. थायराइड प्रोफाइल (Thyroid Checkup)

थायराइड हार्मोन्स में असंतुलन से अचानक वजन बढ़ना, थकान, बालों का झड़ना और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषकर महिलाओं के लिए साल में एक बार TSH, T3 और T4 की जांच कराना बहुत जरूरी है।

5. विटामिन डी और बी12 की जांच

इंडोर लाइफस्टाइल के कारण अधिकतर भारतीयों में विटामिन डी की कमी देखी जा रही है। इसकी कमी से हड्डियों में दर्द और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। वहीं, विटामिन बी12 की कमी से कमजोरी और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टरों की विशेष सलाह:

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपकी उम्र 30 वर्ष से अधिक है, तो इन टेस्ट्स को हर साल कराना चाहिए। शुरुआती जांच न केवल इलाज का खर्च बचाती है, बल्कि जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) को भी बढ़ाती है।

सावधानी: कोई भी टेस्ट कराने से पहले अपने फैमिली डॉक्टर से परामर्श जरूर लें ताकि वे आपकी मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर सही सलाह दे सकें।