इंडिगो एयरलाइंस पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना : फ्लाइट कैंसिलेशन से यात्रियों को हुई परेशानी पर सख्त एक्शन
नई दिल्ली। भारत के विमानन नियामक DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करने और यात्रियों को लावारिस छोड़ने के मामले में इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।
भारी जुर्माना और बैंक गारंटी का आदेश
DGCA ने न केवल नकद जुर्माना लगाया है, बल्कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए एयरलाइन को ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा कराने का भी कड़ा निर्देश दिया है। यह कदम विमानन क्षेत्र में यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
दिसंबर 2025 के दौरान हजारों यात्रियों की शिकायतों के बाद DGCA ने इस मामले की गहन जांच शुरू की थी। जांच रिपोर्ट में निम्नलिखित खामियां पाई गईं:
-
अचानक रद्दीकरण: इंडिगो ने बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस तकनीकी कारण के कई उड़ानें अचानक रद्द कर दीं।
-
यात्रियों की अनदेखी: हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा। उन्हें न तो वैकल्पिक उड़ानों की सुविधा दी गई और न ही नियमानुसार रिफंड या होटल आवास की पर्याप्त व्यवस्था की गई।
-
प्रबंधन की विफलता: एयरलाइन अपने शेड्यूल को मैनेज करने में बुरी तरह विफल रही, जिससे सर्दियों की छुट्टियों के दौरान यात्रियों को भारी मानसिक और आर्थिक असुविधा हुई।
DGCA का रुख: यात्रियों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
DGCA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमानन नियमों के अनुसार, एयरलाइंस को यात्रियों की सुविधा का प्राथमिक ध्यान रखना होता है। इंडिगो ने न केवल परिचालन मानकों का उल्लंघन किया, बल्कि संकट के समय पारदर्शी संचार भी नहीं रखा। यह जुर्माना एयरलाइन की इसी लापरवाही का परिणाम है।
एयरलाइन की प्रतिक्रिया
इंडिगो की ओर से अभी इस जुर्माने पर विस्तृत बयान आना बाकी है, लेकिन कंपनी के सूत्रों का कहना है कि वे इस आदेश की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही अपना पक्ष रखेंगे।

admin 









