NH-30 पर रफ्तार का कहर: अज्ञात वाहन की टक्कर से भालू की मौत; सड़क पार करते समय हुआ भीषण हादसा

NH-30 पर रफ्तार का कहर: अज्ञात वाहन की टक्कर से भालू की मौत; सड़क पार करते समय हुआ भीषण हादसा

रायपुर/कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-30 (NH-30) पर तेज रफ्तार का शिकार एक बेजुबान वन्यजीव हो गया। मंगलवार देर रात सड़क पार करने के दौरान एक अज्ञात वाहन ने भालू को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर जंगलों के बीच से गुजरने वाले हाईवे पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

कैसे हुआ हादसा?

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना कोंडागांव और जगदलपुर के बीच स्थित वन क्षेत्र की है। रात के अंधेरे में एक जंगली भालू भोजन या पानी की तलाश में सड़क पार कर रहा था, तभी जगदलपुर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि भालू का शव सड़क के बीचों-बीच काफी दूर तक घिसटता चला गया।

वन विभाग की कार्रवाई

सुबह जब स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क पर भालू का शव देखा, तो उन्होंने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी।

  • मौके पर पहुँची टीम: वन परिक्षेत्राधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लिया।

  • पोस्टमार्टम: भालू के शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

  • अंतिम संस्कार: प्रोटोकॉल के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद भालू का अंतिम संस्कार विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में किया जाएगा।

हाईवे पर बढ़ते हादसों से चिंता

NH-30 का बड़ा हिस्सा घने जंगलों और अभयारण्यों के बीच से गुजरता है, जो जंगली जानवरों का प्राकृतिक कॉरिडोर है।

  1. अंधाधुंध रफ्तार: रात के समय वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं, जिससे अचानक सामने आने वाले जानवरों को संभलने का मौका नहीं मिलता।

  2. साइन बोर्ड की कमी: कई संवेदनशील मोड़ों पर 'वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग' के चेतावनी बोर्ड नहीं होने से भी हादसे बढ़ रहे हैं।

वन अधिकारियों की अपील

वन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि जंगल से गुजरने वाले रास्तों पर गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें, विशेषकर रात के समय। विभाग अब उस अज्ञात वाहन की तलाश के लिए टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रहा है जिसने भालू को टक्कर मारी थी।