पंचांग 2026: गुरु प्रदोष और रवि योग के शुभ संयोग में होगा नए साल का आगाज, जानें आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल

पंचांग 2026: गुरु प्रदोष और रवि योग के शुभ संयोग में होगा नए साल का आगाज, जानें आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल

नई दिल्ली/रायपुर। आज से अंग्रेजी नव वर्ष 2026 की शुरुआत हो रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल का पहला दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास संयोग लेकर आया है। आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। गुरुवार का दिन होने के कारण आज 'गुरु प्रदोष व्रत' का अत्यंत फलदायी संयोग बन रहा है। इसके साथ ही आज रोहिणी नक्षत्र और रवि योग का मिलन भी हो रहा है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

आज के पंचांग के मुख्य अंग (Panchang Basics)

पंचांग के पांच मुख्य अंगों—तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की स्थिति आज कुछ इस प्रकार रहेगी:

  • तिथि: त्रयोदशी (रात्रि 10:22 तक, इसके बाद चतुर्दशी)।

  • नक्षत्र: रोहिणी (रात्रि 10:48 तक, इसके बाद मृगशिरा)।

  • वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)।

  • योग: शुभ (शाम 05:12 तक, इसके बाद शुक्ल)।

  • करण: कौलव (दोपहर 12:05 तक) और तैतिल (रात्रि 10:22 तक)।

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष।

  • संवत्सर: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु)।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

आज सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में संचार करेंगे।

  • सूर्योदय: सुबह 07:14 बजे।

  • सूर्यास्त: शाम 05:35 बजे।

  • चंद्रोदय: दोपहर 03:14 बजे।

  • चंद्रास्त: अगले दिन (2 जनवरी) सुबह 06:07 बजे।

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

यदि आप आज किसी नए कार्य की शुरुआत, खरीद-बिक्री या पूजा-पाठ करना चाहते हैं, तो ये समय सबसे उत्तम हैं:

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:45 तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:08 से 02:50 तक।

  • अमृत काल: शाम 07:57 से रात्रि 09:23 तक।

  • प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 05:35 से रात्रि 08:19 तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:25 से 06:19 तक।

वर्जित समय: राहुकाल और अशुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। आज का अशुभ समय नोट कर लें:

  • राहुकाल: दोपहर 01:42 से 03:00 तक।

  • यमगण्ड: सुबह 07:14 से 08:32 तक।

  • दुर्मुहूर्त: सुबह 10:41 से 11:23 तक।

आज का विशेष महत्व: गुरु प्रदोष और रोहिणी व्रत

1 जनवरी 2026 को गुरु प्रदोष व्रत है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और गुरुवार को पड़ने के कारण यह शत्रुओं पर विजय और ज्ञान प्राप्ति के लिए विशेष माना जाता है। इसके अतिरिक्त आज जैन धर्म के अनुयायियों के लिए रोहिणी व्रत का भी विशेष महत्व है।

ज्योतिषीय टिप: आज के दिन भगवान शिव का अभिषेक और भगवान विष्णु की पूजा करने से पूरे साल घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।