धूम्रपान पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': 1 फरवरी से महंगी होगी सिगरेट, सरकार ने लागू किया नया 'हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी' एक्ट

धूम्रपान पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': 1 फरवरी से महंगी होगी सिगरेट, सरकार ने लागू किया नया 'हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी' एक्ट

नई दिल्ली। नए साल के मौके पर भारत सरकार ने धूम्रपान करने वालों और तंबाकू का सेवन करने वालों को एक बड़ा झटका दिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, आगामी 1 फरवरी 2026 से 'हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 2025' लागू कर दिया जाएगा, जिसके तहत सिगरेट, गुटखा और पान मसाला पर नई एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) प्रभावी होगी। इस नए कानून की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सिगरेट पर टैक्स अब उसकी लंबाई के आधार पर वसूला जाएगा, यानी सिगरेट जितनी लंबी होगी, उस पर टैक्स का बोझ उतना ही अधिक होगा। नई दरों के तहत प्रति 1000 सिगरेट स्टिक पर ₹2,050 से लेकर ₹8,500 तक की भारी एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है, जिससे सिगरेट की कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है।

तंबाकू उत्पादों और गुटखा के लिए भी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए टैक्स चोरी रोकने के लिए एक नया 'कैपेसिटी बेस्ड' मॉडल लागू किया है। इसके तहत अब टैक्स वास्तविक उत्पादन की मात्रा पर नहीं, बल्कि कारखाने में लगी मशीनों की उत्पादन क्षमता और खुदरा विक्रय मूल्य के आधार पर वसूला जाएगा। वर्तमान में सिगरेट पर लगने वाला कुल टैक्स विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 75 फीसदी के मानक से कम है, जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने 28 फीसदी जीएसटी को पहले ही बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया था और अब यह नई एक्साइज ड्यूटी अतिरिक्त रूप से लागू होगी। इस कड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना और देश के 10 करोड़ से अधिक धूम्रपान करने वालों को इस लत के प्रति हतोत्साहित करना है