शराब घोटाला: पूर्व मंत्री कवासी लखमा की किस्मत का फैसला आज, सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका पर अहम सुनवाई
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। बिलासपुर हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद लखमा ने देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
जस्टिस सूर्यकांत की पीठ करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की कार्यसूची के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश (इस बेंच के अध्यक्ष) न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। कानूनी जानकारों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या शीर्ष अदालत लखमा को राहत देती है या उनकी न्यायिक हिरासत और बढ़ेगी।
क्या हैं कवासी लखमा पर आरोप?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की जांच एजेंसियों के अनुसार, कवासी लखमा पर आबकारी मंत्री रहने के दौरान बेहद गंभीर आरोप लगे हैं:
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कमीशनखोरी: आरोप है कि लखमा ने शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का कमीशन लिया।
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सिंडिकेट संचालन: जांच एजेंसियों का दावा है कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई में 'सिंडिकेट' को संरक्षण दिया गया।
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आर्थिक अनियमितता: शराब की बोतलों पर नकली होलोग्राम लगाने और उससे हुई अवैध कमाई को सफेद करने (Money Laundering) के मामले में भी उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
बिलासपुर हाईकोर्ट ने नहीं दी थी राहत
इससे पहले, बिलासपुर उच्च न्यायालय ने लखमा की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि घोटाले की प्रकृति गंभीर है और आरोपी प्रभावशाली पद पर रहे हैं, जिससे गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका बनी रहती है।
सियासी गलियारों में हलचल
छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिहाज से यह सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण है। कवासी लखमा बस्तर क्षेत्र के एक कद्दावर नेता हैं। उनकी जमानत पर होने वाले फैसले का असर न केवल उनके राजनीतिक भविष्य पर पड़ेगा, बल्कि कांग्रेस पार्टी की आगामी रणनीतियों पर भी इसका प्रभाव देखा जा सकता है।

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