ट्रंप ने खुद को घोषित किया वेनेजुएला का 'कार्यवाहक राष्ट्रपति' : व्हाइट हाउस से कराकस तक मचा हड़कंप!
वाशिंगटन/कराकस। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित 'अनप्रेडिक्टेबल' (अप्रत्यक्ष) अंदाज से पूरी दुनिया के राजनयिकों को सकते में डाल दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक ऐसी घोषणा की है, जिसने अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता की पारंपरिक परिभाषाओं को चुनौती दे दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद को आधिकारिक तौर पर 'वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति' घोषित कर दिया है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट और वैश्विक खलबली
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में वेनेजुएला के वर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को 'अवैध' करार देते हुए कहा कि वहां के लोगों को "समाजवादी तानाशाही" और आर्थिक बर्बादी से बचाने के लिए वे अस्थायी तौर पर कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब हाल ही में ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी और मादुरो सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आक्रामक रुख अपनाया था।
क्यों लिया ट्रंप ने यह अभूतपूर्व फैसला?
जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम वेनेजुएला में जारी राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए एक 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' (Psychological Warfare) का हिस्सा है।
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विवादित चुनाव: वेनेजुएला के 2024 के चुनावों को अमेरिका ने 'धोखा' बताया था और विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज को वास्तविक विजेता माना था।
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सत्ता का संघर्ष: निकोलस मादुरो ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद सत्ता छोड़ने से इनकार कर दिया है, जिसके जवाब में अब ट्रंप ने सीधे तौर पर खुद को वहां के शासन से जोड़ लिया है।
वेनेजुएला और वैश्विक शक्तियों की प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस दावे ने कराकस (वेनेजुएला की राजधानी) में उबाल ला दिया है। निकोलस मादुरो ने इसे "अमेरिकी साम्राज्यवाद का सबसे हास्यास्पद और खतरनाक रूप" बताया है। वहीं, रूस और चीन ने भी ट्रंप के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे किसी देश के आंतरिक मामलों में सीधा और अनुचित हस्तक्षेप करार दिया है।
क्या होगा अगला कदम?
विशेषज्ञों के बीच अब इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या यह केवल एक 'डिजिटल बयानबाजी' है या इसके पीछे वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप (Military Intervention) की कोई बड़ी योजना छिपी है। यदि अमेरिका आधिकारिक रूप से ट्रंप को वहां का कार्यवाहक राष्ट्रपति मानता है, तो वेनेजुएला के विदेशी बैंकों में जमा अरबों डॉलर और संपत्ति पर सीधे तौर पर वाशिंगटन का नियंत्रण हो सकता है।
फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस और पेंटागन की अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहाँ से इस 'डिजिटल घोषणा' की कानूनी व्याख्या स्पष्ट हो पाएगी।

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