TCS वार्षिक रिपोर्ट में महिला कर्मचारियों की शिकायतों में 500% की वृद्धि, नासिक केस में 'निदा खान' को लेकर कंपनी ने तोड़ी चुप्पी

TCS वार्षिक रिपोर्ट में महिला कर्मचारियों की शिकायतों में 500% की वृद्धि, नासिक केस में 'निदा खान' को लेकर कंपनी ने तोड़ी चुप्पी

नासिक/मुंबई: भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025) के दौरान कंपनी में यौन उत्पीड़न की शिकायतों में पांच गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 125 मामलों तक पहुंच गया है।

इसी बीच, नासिक बीपीओ यूनिट में हुए विवाद और फरार बताई जा रही निदा खान को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है।

शिकायतों में बढ़ोतरी: कंपनी का क्या है कहना?

टीसीएस की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतों का अनुपात 2023-24 के 0.05% से बढ़कर 2024-25 में 0.06% हो गया है। हालांकि, कंपनी सूत्रों का दावा है कि यह वृद्धि कार्यस्थल के असुरक्षित होने का संकेत नहीं है। इसके बजाय:

  • यह आंतरिक रिपोर्टिंग सिस्टम (POSH) के प्रति महिला कर्मचारियों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

  • कंपनी द्वारा चलाए जा रहे संवेदीकरण (Sensitization) और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की वजह से अब महिलाएं फॉर्मल शिकायत दर्ज कराने में अधिक सहज महसूस कर रही हैं।

  • बेहतर मॉनिटरिंग और पारदर्शिता के कारण अब दबे हुए मामले भी सामने आ रहे हैं।

नासिक केस: निदा खान की सच्चाई और वर्तमान स्थिति

नासिक यूनिट में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच 'निदा खान' का नाम काफी चर्चा में रहा। कंपनी ने इस पर स्थिति स्पष्ट की है:

  • पद स्पष्टीकरण: निदा खान कंपनी की एचआर (HR) हेड नहीं, बल्कि एक टेलीकॉलर (एग्जीक्यूटिव) है।

  • फरार होने का दावा गलत: निदा खान के वकील के अनुसार, वह फरार नहीं हैं बल्कि प्रेग्नेंट हैं और मुंबई में अपने परिवार के साथ हैं। उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए नासिक कोर्ट में अर्जी दी है।

  • ऑफिस की स्थिति: खबरों के विपरीत नासिक ऑफिस को सील नहीं किया गया है। वर्तमान में लगभग 60 कर्मचारी ऑफिस से काम कर रहे हैं, जबकि बाकियों को वर्क फ्रॉम होम का विकल्प दिया गया है।

पुलिस और SIT की कार्रवाई

नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस की एक टीम निदा खान की तलाश में भिवंडी भी पहुंची थी। पुलिस पीड़िता के दावों, जिसमें नौकरी का लालच देकर शारीरिक शोषण और धर्मांतरण के दबाव की बात कही गई है, की बारीकी से जांच कर रही है।

भविष्य की रणनीति

टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि वह 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013' के तहत अपनी आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के जरिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर रही है। कंपनी का मुख्य फोकस अब अपने रिपोर्टिंग इकोसिस्टम को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।