15 वर्ष पुराने मामले में सुबोध हरितवाल सहित 6 कांग्रेस नेताओं को कोर्ट ने किया दोषमुक्त
15 साल बाद न्याय मिला, न्याय पालिका का आभार, सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं : सुबोध हरितवाल
रायपुर। 15 वर्षों तक चले एक राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले में आज न्यायिक दंडाधिकारी सावित्री रक्सेल के न्यायालय द्वारा कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल, गुलजेब अहमद, इस्माइल अहमद, डॉ. रामेश्वर सोनवानी, शाहबाज हुसैन और नदीम सलाट सभी कांग्रेस नेताओं को दोषमुक्त करने के निर्णय पारित किया गया।
कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने कहा कि वर्ष 2010 में तत्कालीन भाजपा शासन के दौरान मौदहापारा क्षेत्र में शासकीय डेंटल कॉलेज में 108 सेवा के निजीकरण के विरोध में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीक़े से विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल, गुलजेब अहमद, इस्माइल अहमद, डॉ. रामेश्वर सोनवानी, शाहबाज हुसैन और नदीम सलाट पर मौदहापारा पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 272/2010 के अंतर्गत धारा 147, 148, 149, 427, 452, 323 भादवि के गंभीर धाराएं लगाकर मुकदमा दर्ज किया गया था। पूरे 15 वर्षों के विचारण के दौरान, अभियोजन पक्ष अपने आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा और मात्र एक गवाह ही पेश कर सका।
अधिवक्ता भगवानू नायक द्वारा दिए गए अंतिम तर्कों में यह स्पष्ट किया गया था कि यह मामला विपक्ष के नेताओं विरुद्ध राजनीतिक से प्रेरित से गढ़ा गया था सभी आरोपी निर्दोष है। न्यायालय ने सभी तथ्यों और सबूतों पर गौर करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि आरोप सिद्ध नहीं हो सके और सभी आरोपियों को दोषमुक्त घोषित कर दिया।
इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने कहा, "हम भारतीय न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हैं। यह न्यायिक प्रक्रिया की जीत है। वर्षों पहले भाजपा शासन काल में हमें राजनीतिक कारणों से फँसाया गया था। 15 लंबे वर्षों के बाद आज हमें न्याय मिला है। यह साबित करता है कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।"
यह फैसला उस राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है जहाँ सत्ता का दुरुपयोग करके विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास रखती है और इस निर्णय से हमारा यह विश्वास और दृढ़ हुआ है।

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