महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर: अब BJP और ओवैसी एक साथ! अकोट नगर परिषद में मिलाया हाथ
अकोला। महाराष्ट्र की सियासत में मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को एक ऐसा मोड़ आया जिसने राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। जिन दो दलों (भाजपा और AIMIM) को एक-दूसरे का धुर विरोधी माना जाता था, उन्होंने अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में सत्ता का सुख भोगने के लिए हाथ मिला लिया है। अब तक जिसे 'B-Team' कहा जाता था, वह अब आधिकारिक तौर पर भाजपा की गठबंधन सहयोगी बन गई है।
अकोट का चुनावी समीकरण
हाल ही में संपन्न हुए अकोट नगर परिषद चुनावों के नतीजों ने किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया। 35 सदस्यीय इस परिषद में सत्ता की चाबी किसी एक के पास नहीं थी:
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भाजपा: 11 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
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कांग्रेस: 06 सीटें
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AIMIM: 05 सीटें
स्पष्ट बहुमत (18 सीटें) न होने के कारण अकोला की राजनीति में जोड़-तोड़ का दौर शुरू हुआ, जिसका अंत एक अप्रत्याशित गठबंधन के रूप में हुआ।
'अकोट विकास मंच' का उदय
भाजपा ने विपक्ष को पटखनी देने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ मिलकर 'अकोट विकास मंच' नाम का एक नया मोर्चा बनाया है। इस गठबंधन में केवल यही दो दल नहीं, बल्कि महायुति के अन्य घटक भी शामिल हैं:
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भाजपा
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AIMIM (ओवैसी)
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शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट)
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NCP (अजीत पवार गुट)
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प्रहार जनशक्ति पार्टी (बच्चू काडू)
कुल 25 पार्षदों के समर्थन के साथ इस गठबंधन ने परिषद पर अपना कब्जा जमा लिया है। जिला प्रशासन के पास इस मोर्चे को आधिकारिक तौर पर पंजीकृत (Register) भी करा लिया गया है।
माया धुले बनीं महापौर
इस नए समीकरण के तहत भाजपा की माया धुले को अकोट नगर परिषद का महापौर चुना गया है। दूसरी ओर, कांग्रेस और प्रकाश अंबेडकर की 'वंचित बहुजन अघाड़ी' को करारा झटका लगा है और अब वे विपक्ष की बेंचों पर बैठेंगे।

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