आज का पंचांग: 2 जनवरी को 'मृगशिरा' नक्षत्र और 'शुक्ल' योग का संगम, जानें अमृत काल और राहुकाल का समय

आज का पंचांग: 2 जनवरी को 'मृगशिरा' नक्षत्र और 'शुक्ल' योग का संगम, जानें अमृत काल और राहुकाल का समय

नई दिल्ली। नए साल का दूसरा दिन यानी 2 जनवरी 2026, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत संतुलित रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कल पौष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। कल का दिन उन लोगों के लिए विशेष है जो नए संकल्पों को कार्यरूप देना चाहते हैं, क्योंकि कल चंद्रमा का गोचर वृषभ से मिथुन राशि में होगा।

कल के पंचांग के मुख्य घटक (Panchang Details)

  • तिथि: चतुर्दशी (रात्रि 08:34 तक, इसके बाद पूर्णिमा)।

  • नक्षत्र: मृगशिरा (रात्रि 09:27 तक, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र)।

  • वार: शुक्रवार (माता लक्ष्मी का दिन)।

  • योग: शुक्ल (दोपहर 02:18 तक, इसके बाद ब्रह्म योग)।

  • करण: तैतिल (सुबह 09:21 तक) और गर (रात्रि 08:34 तक)।

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष।

सूर्य और चंद्रमा की गणना

  • सूर्योदय: सुबह 07:14 बजे।

  • सूर्यास्त: शाम 05:36 बजे।

  • चंद्रोदय: शाम 04:14 बजे।

  • चंद्रास्त: अगले दिन (3 जनवरी) सुबह 07:05 बजे।

  • चंद्र राशि: वृषभ (सुबह 09:58 तक), इसके बाद चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

कल के शुभ और अशुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र में समय की शुद्धता का बड़ा महत्व है। यदि आप कल कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं, तो इन समयों का ध्यान रखें:

मुहूर्त का प्रकार समय (2 जनवरी 2026)
अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ) दोपहर 12:05 से 12:46 तक
अमृत काल दोपहर 01:21 से 02:49 तक
विजय मुहूर्त दोपहर 02:09 से 02:51 तक
राहुकाल (वर्जित समय) सुबह 11:07 से दोपहर 12:25 तक
गुलिक काल सुबह 08:32 से 09:50 तक

शुक्रवार का विशेष महत्व

कल शुक्रवार है और पौष शुक्ल चतुर्दशी है। मृगशिरा नक्षत्र होने के कारण कल का दिन कला, सौंदर्य और विलासिता की वस्तुओं की खरीदारी के लिए बहुत शुभ है। चूंकि कल रात से पूर्णिमा तिथि का प्रभाव शुरू हो जाएगा, इसलिए शाम के समय सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना या मानसिक शांति के लिए ध्यान करना लाभकारी रहेगा।

दिशा शूल: कल पश्चिम दिशा में यात्रा करना वर्जित है। यदि आवश्यक हो, तो घर से दही या मीठी चीज खाकर निकलें।