पंचांग (13 जनवरी 2026) : मंगलवार को दशमी तिथि और 'लोहड़ी' का उल्लास; जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष योग
नई दिल्ली। आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। आज का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तर भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने वाले लोहड़ी (Lohri) पर्व का भी दिन है। पंचांग की गणना के अनुसार, आज का दिन साहस के प्रतीक मंगल देव और विघ्नहर्ता हनुमान जी को समर्पित है। आइए जानते हैं आज के सूर्योदय, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति।
आज की तिथि और नक्षत्र
आज विक्रम संवत 2082 के माघ (पूर्णिमांत) / पौष (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है।
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तिथि: दशमी (दोपहर 03:19 PM तक), उसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ।
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वार: मंगलवार
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नक्षत्र: विशाखा (रात 12:07 AM तक), उसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ।
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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संवत: कालयुक्त (विक्रम संवत 2082)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
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सूर्योदय: सुबह 07:15 AM
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सूर्यास्त: शाम 05:44 PM
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चंद्रोदय: रात 02:03 AM
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चंद्रास्त: दोपहर 12:54 PM
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चंद्र राशि: तुला (शाम 05:21 PM तक), उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश।
शुभ और अशुभ समय (Muhurat)
आज के महत्वपूर्ण मुहूर्त और वर्जित समय की जानकारी नीचे दी गई है:
| समय का प्रकार | समय (Time) |
| अभिजीत मुहूर्त (अति शुभ) | दोपहर 12:09 PM से 12:51 PM तक |
| राहुकाल (वर्जित समय) | दोपहर 03:07 PM से 04:26 PM तक |
| गुलिक काल | दोपहर 12:30 PM से 01:49 PM तक |
| यमगण्ड | सुबह 09:53 AM से 11:11 AM तक |
विशेष सावधानी: आज भद्रा का साया दोपहर 03:18 PM तक रहेगा। भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।
आज का योग और करण
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योग: शूल (शाम 07:05 PM तक), उसके बाद गंड योग प्रारंभ।
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करण: विष्टि / भद्रा (दोपहर 03:18 PM तक), उसके बाद बव करण।
लोहड़ी 2026: विशेष मुहूर्त
आज शाम को लोहड़ी का पर्व मनाया जाएगा। सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में अग्नि प्रज्वलित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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लोहड़ी पूजन समय: शाम 05:44 PM से लेकर अगले 2 घंटे की अवधि पूजा और मूंगफली-रेवड़ी अर्पण के लिए सबसे उत्तम है।
आज का दिशाशूल
मंगलवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो, तो घर से गुड़ खाकर निकलना लाभकारी होता है।
आज का विशेष उपाय
चूंकि आज मंगलवार है और लोहड़ी का पर्व भी है, इसलिए शाम को अग्नि देव की पूजा करें और तिल, गुड़ व रेवड़ी अर्पित करें। साथ ही हनुमान जी के मंदिर में चोला चढ़ाएं, जिससे जीवन के सभी अवरोध दूर होंगे।

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