पंचांग 25 जनवरी 2026 : रविवार को 'रथ सप्तमी' का महापर्व, जानें सूर्य देव की पूजा का शुभ मुहूर्त और आज का राहुकाल

पंचांग 25 जनवरी 2026 : रविवार को 'रथ सप्तमी' का महापर्व, जानें सूर्य देव की पूजा का शुभ मुहूर्त और आज का राहुकाल

नई दिल्ली/रायपुर। सनातन पंचांग के अनुसार, रविवार 25 जनवरी 2026 का दिन बेहद शुभ और ऊर्जावान रहने वाला है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जिसे देशभर में 'रथ सप्तमी', 'अचला सप्तमी' या 'सूर्य जयंती' के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन सूर्य देव ने अपने सात घोड़ों वाले रथ के साथ ब्रह्मांड को आलोकित करना शुरू किया था।

आइए जानते हैं आज के पंचांग के अनुसार ग्रहों की चाल और शुभ समय:

आज का पंचांग (25 जनवरी 2026)

  • वार: रविवार

  • तिथि: सप्तमी (माघ, शुक्ल पक्ष)

  • नक्षत्र: रेवती (दोपहर तक, इसके बाद अश्विनी नक्षत्र)

  • योग: साध्य योग (सफलता दायक)

  • करण: वणिज

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 07:13 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 05:55 बजे

  • चंद्रोदय: सुबह 10:48 बजे

  • चंद्रास्त: अगले दिन 12:21 एएम (26 जनवरी)

रथ सप्तमी का महत्व और पूजा मुहूर्त

रथ सप्तमी को 'आरोग्य सप्तमी' भी कहा जाता है। आज के दिन सूर्य देव की उपासना से चर्म रोगों से मुक्ति और अच्छी सेहत का वरदान मिलता है।

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से 12:56 बजे तक (किसी भी बड़े कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम)।

  • अरुणोदय (सूर्य पूजा) मुहूर्त: सुबह 05:28 बजे से 07:13 बजे तक (इस समय नदी स्नान और अर्घ्य देना विशेष फलदायी है)।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:28 बजे से 06:21 बजे तक।

अशुभ समय (राहुकाल और वर्जित समय)

शुभ कार्यों की योजना बनाते समय इन समयों का ध्यान रखें:

  • राहुकाल: शाम 04:35 बजे से 05:55 बजे तक।

  • यमगण्ड: दोपहर 12:34 बजे से 01:54 बजे तक।

  • गुलिक काल: दोपहर 03:15 बजे से 04:35 बजे तक।

आज की ग्रह स्थिति

  • चन्द्र राशि: चंद्रमा दोपहर तक मीन राशि में रहेंगे, जिसके बाद वे मेष राशि में प्रवेश करेंगे।

  • सूर्य राशि: सूर्य देव मकर राशि में उत्तरायण होकर विराजमान हैं।

  • दिशाशूल: रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करना वर्जित माना गया है। यदि आवश्यक हो, तो पान या दलिया खाकर ही प्रस्थान करें।

आज के विशेष योग

आज 'रवि योग' का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रवि योग में किए गए कार्यों में सूर्य देव की कृपा से बाधाएं दूर होती हैं और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

आज का विशेष मंत्र: एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥