साय सरकार का बड़ा एक्शन : उद्योगपति अनिल अग्रवाल सहित 19 के खिलाफ FIR दर्ज, 20 हुई मौतों की संख्या

साय सरकार का बड़ा एक्शन : उद्योगपति अनिल अग्रवाल सहित 19 के खिलाफ FIR दर्ज, 20 हुई मौतों की संख्या

रायपुर: छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में स्थित वेदांता के पावर प्लांट (सिंघीतरई) में हुए भीषण बॉयलर हादसे के बाद राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इस मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में वेदांता समूह के चेयरमैन और प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) सहित कुल 19 वरिष्ठ अधिकारियों और प्रबंधन से जुड़े लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज की गई है।

मौतों का आंकड़ा बढ़कर हुआ 20

14 अप्रैल को हुए इस दर्दनाक हादसे में मरने वाले मजदूरों की संख्या अब बढ़कर 20 हो गई है। कई अन्य मजदूर अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

अनिल अग्रवाल और 18 अन्य पर FIR

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में शामिल प्रमुख नामों में शामिल हैं:

  • अनिल अग्रवाल (डायरेक्टर/चेयरमैन, वेदांता लिमिटेड)

  • देवेंद्र पटेल (प्लांट मैनेजर)

  • प्लांट के अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ।

  • ठेका कंपनी NGSL के जिम्मेदार अधिकारी।

इन सभी पर लापरवाही के कारण मौत (Section 106-1) और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जांच में बड़ा खुलासा: सुरक्षा में थी घोर चूक

प्रारंभिक तकनीकी जांच और फॉरेंसिक लैब (FSL) की रिपोर्ट के अनुसार, बॉयलर में ईंधन (Fuel) का अत्यधिक दबाव बढ़ गया था। सुरक्षा उपकरणों ने समय पर काम नहीं किया और पाइपलाइन फट गई, जिससे लगभग 600 डिग्री सेल्सियस की गर्म भाप (Superheated Steam) वहां मौजूद मजदूरों पर गिर गई। जांच टीम ने पाया कि प्लांट में मेंटेनेंस और सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा था।

SIT (विशेष जांच टीम) का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह टीम एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में घटना के हर तकनीकी पहलू की बारीकी से जांच करेगी। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट कहा है कि "मजदूरों की जान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों न हो।"

 मुआवजा और सहायता

हादसे के बाद भारी दबाव के बीच प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का वादा किया है। साथ ही, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी या कंपनी में नौकरी देने की बात कही गई है। राज्य सरकार और प्रधानमंत्री राहत कोष से भी अलग से मुआवजा घोषित किया गया है।