महिलाओं में माइग्रेन का खतरा पुरुषों से 3 गुना ज्यादा, 18-49 की उम्र में रहें सावधान

महिलाओं में माइग्रेन का खतरा पुरुषों से 3 गुना ज्यादा, 18-49 की उम्र में रहें सावधान

नई दिल्ली। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा किए गए हालिया खुलासों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को माइग्रेन (Migraine) की समस्या होने का खतरा तीन गुना अधिक होता है। डॉक्टर्स ने विशेष रूप से 18 से 49 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि यह 'रिप्रोडक्टिव एज' होती है जब शरीर में हार्मोनल गतिविधियां चरम पर होती हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण 'एस्ट्रोजन' (Estrogen) हार्मोन में होने वाला उतार-चढ़ाव है, जो मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान माइग्रेन को ट्रिगर करता है। जहाँ पुरुषों में यह समस्या केवल 6-8% पाई जाती है, वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा 20% तक है। इस दौरान सिर के एक हिस्से में तेज फड़कने वाला दर्द, रोशनी से चिड़चिड़ापन और जी मिचलाने जैसे लक्षण आम हैं; अतः नियमित नींद, तनाव मुक्त जीवनशैली और सही खानपान ही इससे बचाव का कारगर उपाय है।