हेल्थ टिप्स: 60 दिनों तक रोज चबाएं अदरक का एक टुकड़ा, फेफड़ों और डाइजेशन में दिखेंगे ये 5 बड़े बदलाव

हेल्थ टिप्स: 60 दिनों तक रोज चबाएं अदरक का एक टुकड़ा, फेफड़ों और डाइजेशन में दिखेंगे ये 5 बड़े बदलाव

नई दिल्ली। भारतीय रसोई में मसाले के रूप में उपयोग किया जाने वाला अदरक वास्तव में औषधीय गुणों का भंडार है, जिसका नियमित सेवन शरीर में कई सकारात्मक बदलाव ला सकता है। केआईएमएस (KIMS) अस्पताल, ठाणे की मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. अमरीन शेख के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लगातार 60 दिनों तक रोजाना अदरक का एक छोटा टुकड़ा चबाता है, तो यह उसके फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण श्वसन नलियों को रिलैक्स करते हैं और फेफड़ों में जमा बलगम को ढीला कर उसे बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे प्रदूषण या ठंड के कारण होने वाली सांस की हल्की परेशानियों में काफी राहत मिलती है। हालांकि, विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि यह अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों का विकल्प नहीं है, बल्कि श्वसन स्वास्थ्य के लिए एक सहायक औषधि की तरह कार्य करता है।

फेफड़ों के अलावा, अदरक का नियमित सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त करने और शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाने में भी प्रभावी भूमिका निभाता है। यह मेटाबॉलिज्म को गति प्रदान करता है, जिससे गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं कम होती हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रतिदिन अंगूठे के बराबर एक छोटा टुकड़ा या दो-तीन पतली स्लाइस चबाना पर्याप्त होता है। लेकिन सावधानी बरतनी भी आवश्यक है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और अधिक सेवन से सीने में जलन या एसिडिटी हो सकती है। विशेष रूप से उन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए जो खून पतला करने की दवाएं ले रहे हैं या जो गैस्ट्राइटिस से पीड़ित हैं, क्योंकि अदरक में प्राकृतिक रूप से खून को पतला करने के गुण होते हैं। ऐसे में किसी भी बदलाव से पहले चिकित्सकीय परामर्श लेना उचित रहता है।