रायपुर की हवा भी दिल्ली जैसी जहरीली : ‘वेरी पूअर’ श्रेणी में पहुंची राजधानी 

रायपुर की हवा भी दिल्ली जैसी जहरीली : ‘वेरी पूअर’ श्रेणी में पहुंची राजधानी 
रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ में बढ़ते प्रदूषण ने जनता की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ठंड बढऩे के साथ ही प्रदेश के कई शहरों में वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) तेजी से गिर रही है। सोमवार रात आठ बजे के बाद राजधानी रायपुर सहित अनेक शहरों में प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया।
राजधानी रायपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 से ऊपर दर्ज किया गया, जो अत्यंत खराब श्रेणी में आता है। इसके साथ ही भिलाई में 283, बिलासपुर में 213, रायगढ़ में 274 और अंबिकापुर में 131 एक्यूआई दर्ज किया गया। यह स्थिति खासतौर पर अस्थमा, सांस और हृदय रोग से पीडि़त लोगों के लिए बेहद खतरनाक मानी जा रही है।
रायपुर शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में हवा की गति कम हो जाती है और तापमान गिरने से पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक टिके रहते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है। प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों में ठंड और बढऩे तथा कुछ जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। ऐसे में प्रदूषण के और गंभीर होने का खतरा जताया जा रहा है।
प्रदेश में इस वर्ष दिसंबर में वायु गुणवत्ता सूचकांक पिछले वर्षों 2023 और 2024 की तुलना में अधिक है। 60-65 से बढक़र 100 के पार पहुंचना बेहद चिंताजनक संकेत है। प्रदेश के पीएम 2.5 में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कार्बन कणों का है, जो देश के अन्य हिस्सों की तुलना में ज्यादा घातक है। इससे खून के गाढ़ा होने का खतरा बढ़ता है, जो हार्ट अटैक और अचानक मौत की बड़ी वजह बन सकता है। इसके साथ ही कोरोना के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी और प्रदेश में सिकलसेल रोगियों की अधिक संख्या प्रदूषण को और घातक बना रही है।
बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और खुले में भारी व्यायाम न करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ठंड और शीतलहर का असर जारी रहा तो आने वाले दिनों में प्रदेश की हवा और अधिक जानलेवा हो सकती है।
शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति :
रायपुर: 366 से अधिक (अत्यंत खराब)
भिलाई:  283 (बहुत खराब)
रायगढ़: 274 (बहुत खराब)
बिलासपुर:  213 (खराब)
कोरबा: 148 (मध्यम से खराब)
अंबिकापुर: 131 (मध्यम से खराब)