सिर्फ सजावट ही नहीं, सेहत और सुंदरता का भी खजाना है गेंदे का फूल; जानें इसके बेहतरीन फायदे

सिर्फ सजावट ही नहीं, सेहत और सुंदरता का भी खजाना है गेंदे का फूल; जानें इसके बेहतरीन फायदे

नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में खिलने वाला गेंदा (Marigold) न केवल हमारे बगीचों की शोभा बढ़ाता है, बल्कि आयुर्वेद में इसे एक औषधि के रूप में भी देखा जाता है। इसके फूल, पत्तियां और बीज पोषक तत्वों का भंडार हैं। इसमें विटामिन A, C, E के साथ-साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

आइए जानते हैं कि यह खूबसूरत फूल आपकी सेहत और खूबसूरती के लिए किस तरह लाभकारी हो सकता है:

खूबसूरती निखारने में गेंदे के फायदे

  1. चमकती त्वचा के लिए फेस पैक: गेंदे के फूलों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को गहराई से साफ करते हैं। इसके लिए सूखे गेंदे के फूलों का पाउडर बना लें और उसमें थोड़ा गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह चेहरे की चमक बढ़ाने में मदद करता है।

  2. मुंहासों से राहत: गेंदे में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा की सूजन को कम करने और मुंहासों से छुटकारा दिलाने में सहायक हो सकते हैं। (संवेदनशील त्वचा वाले लोग इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें)।

  3. मुलायम और शाइनी बाल: अगर आप बालों को कुदरती चमक देना चाहते हैं, तो गेंदे के फूलों को पानी में उबाल लें। इस पानी के ठंडा होने के बाद, बाल धोने के दौरान आखिरी रिंस (Rinse) के तौर पर इसका इस्तेमाल करें।

सेहत के लिए गेंदे के औषधीय गुण

  • इम्यूनिटी बूस्टर: इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे छोटी-मोटी बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है।

  • पाचन तंत्र में सुधार: पारंपरिक रूप से गेंदे की पंखुड़ियों से बनी हल्की चाय का सेवन पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने के लिए किया जाता रहा है। (ध्यान दें: बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन न करें)।

  • आंखों के लिए लाभकारी: गेंदे के फूलों में पाए जाने वाले तत्व आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मददगार माने जाते हैं।

सावधानियां और डॉक्टर की सलाह

गेंदा प्राकृतिक है, लेकिन इसके उपयोग में सावधानी जरूरी है:

  • गर्भवती महिलाएं या जिन लोगों को फूलों से एलर्जी है, वे इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

  • किसी भी गंभीर बीमारी के मामले में इसे मुख्य इलाज न मानकर केवल एक सहायक प्राकृतिक उपचार के रूप में ही देखें।

  • किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदेह हो सकता है।