सावधान: 40 से पहले ही फेल हो रही हैं किडनियां, फिट दिखने की होड़ में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये जानलेवा गलतियां?
नई दिल्ली। वर्तमान समय में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में किडनी खराब होने (क्रोनिक किडनी डिजीज) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति कुछ घातक गलतियां हैं। फिटनेस विशेषज्ञों और मलेशियाई कोच मिलो याप के अनुसार, युवाओं में 'परफेक्ट बॉडी' बनाने की होड़ में अत्यधिक प्रोटीन सप्लीमेंट्स और एनर्जी ड्रिंक्स का बिना सोचे-समझे सेवन करना किडनियों पर भारी बोझ डालता है। इसके साथ ही, छोटी-छोटी शारीरिक परेशानियों के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर्स (दर्द निवारक दवाओं) का बार-बार उपयोग करना और अनियंत्रित खान-पान के कारण होने वाली प्री-डायबिटीज की स्थिति किडनी के नाजुक फिल्टरेशन सिस्टम को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर रही है।
किडनी की बीमारी को अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक कि लगभग 80% किडनी डैमेज न हो जाए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि पेशाब में अत्यधिक झाग आना, टखनों और पैरों में लगातार सूजन रहना, हर समय थकान महसूस होना या रात में बार-बार पेशाब आने जैसे संकेत मिलें, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किडनी को सुरक्षित रखने के लिए यह आवश्यक है कि युवा अपनी डाइट में नमक और सिंथेटिक प्रोटीन की मात्रा को नियंत्रित रखें, पर्याप्त पानी पिएं और कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह के साथ समय-समय पर किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) करवाते रहें।

admin 









