बस्तर का विकास उसकी पहचान बचाकर होना चाहिए: फूलोदेवी नेताम
रविशंकर शर्मा
रायपुर। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम का कहना है कि बस्तर का विकास उसकी पहचान बचाकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों और निजीकरण के नाम पर बस्तर के संसाधनों पर बाहरी नियंत्रण बढ़ रहा है। नगरनार, बैलाडीला और किरंदुल जैसे इलाकों में स्थानीय युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा। मेरा मानना है कि उद्योगों के मुख्यालय बस्तर में ही होने चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को विकास का सीधा लाभ मिले। अगर बस्तर के अधिकारों पर हमला हुआ तो कांग्रेस सडक़ से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
दूसरी बार राज्यसभा पहुंची फूलोदेवी नेताम ने चैनल इंडिया से विशेष बातचीत में कहा कि अपने पिछले कार्यकाल में मैंने किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों की आवाज संसद में उठाई। खासतौर पर बस्तर में जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को प्रमुखता से रखा। बस्तर सिर्फ एक क्षेत्र नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत है। यहां का विकास उसकी मूल पहचान और आदिवासी परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बस्तर का विकास प्रभावित रहा। अब नक्सलवाद कमजोर पड़ रहा है, जिससे विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। लेकिन केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि नक्सलमुक्त गांवों और पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपए देने की घोषणा का क्या हुआ।
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। महुआ, इमली, तेंदूपत्ता और चिरौंजी जैसी वन उपज यहां की पहचान हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को सही समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा। मेरी सोच है कि बस्तर में छोटे और मध्यम उद्योग स्थापित हों ताकि महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके और वे आर्थिक रूप से मजबूत बनें। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून संसद से पारित हो चुका है, लेकिन परिसीमन के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस हमेशा महिलाओं के अधिकार और नेतृत्व के पक्ष में रही है।
एक सवाल के जवाब में फूलोदेवी नेताम ने कहा कि झीरम हमला आज भी बेहद दर्दनाक याद है। मैं खुद उस हमले में घायल हुई थी। उस घटना में कांग्रेस ने अपने कई बड़े नेताओं को खोया। इतने साल बाद भी पीडि़त परिवार और कार्यकर्ता न्याय का इंतजार कर रहे हैं। अब तक निर्णायक न्याय नहीं मिलना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। बूथ स्तर तक महिला संगठन को मजबूत किया गया है। आने वाले समय में भी महिलाएं संगठन और पार्टी की नीतियों को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
चैनल इंडिया को शुभकामनाएं
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि सबसे पहले मैं चैनल इंडिया को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं और शुभकामनाएं देती हूं। 1994 में जब मैं जनपद अध्यक्ष थी, तब चैनल इंडिया के संपादक पवन दुबे ने संस्थान का उद्घाटन कराए थे और मुझे खुशी है कि वे हर मुद्दे को सोच समझकर गहराइयों के साथ उजागर करते हैं और हमेशा चैनल इंडिया का बहुत बड़ा विकास के दृष्टिकोण से सहयोग रहता है।

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