शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का डंका: 'परीक्षा पे चर्चा 2026' में अभिभावकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ देश में नंबर-1

शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का डंका: 'परीक्षा पे चर्चा 2026' में अभिभावकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ देश में नंबर-1

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पहल 'परीक्षा पे चर्चा (PPC) 2026' में छत्तीसगढ़ ने एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। अभिभावकों (पालकों) के पंजीकरण और सक्रिय भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश के बड़े-बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।

केंद्र सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के पालकों ने इस कार्यक्रम के प्रति अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है, जो राज्य में शिक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की बढ़त

4 जनवरी 2026 तक के पोर्टल डेटा के मुताबिक, छत्तीसगढ़ ने न केवल पालकों के मामले में बल्कि कुल सहभागिता में भी शानदार प्रदर्शन किया है:

  • देश में प्रथम (पालक): छत्तीसगढ़ से रिकॉर्ड 81,533 पालकों ने पंजीकरण कराया है।

  • देश में चौथा स्थान (कुल): छात्र, शिक्षक और पालकों को मिलाकर कुल 25.16 लाख पंजीकरण के साथ छत्तीसगढ़ देश में चौथे पायदान पर है।

  • शिक्षकों की भूमिका: राज्य के 1.55 लाख शिक्षकों ने इस अभियान से जुड़कर छात्रों का मार्गदर्शन किया है।

इन जिलों ने पेश की मिसाल

राज्य के भीतर बलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों ने इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दे दिया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित 'परीक्षा पे चर्चा मेलों' के कारण एक ही दिन में हजारों पंजीकरण दर्ज किए गए। अकेले बलौदाबाजार जिले से 14,000 से अधिक पालकों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के 'शिक्षित समाज' की जीत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा: "यह गर्व का विषय है कि हमारे प्रदेश के पालक अपने बच्चों के भविष्य और उनके मानसिक तनाव को कम करने के प्रधानमंत्री जी के मिशन से इतनी बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ अब देश को दिशा दिखा रहा है।"

स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को इस सफलता के लिए बधाई दी और शेष छात्रों से 11 जनवरी तक पंजीकरण करने की अपील की।

क्यों खास है 'परीक्षा पे चर्चा'?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों, शिक्षकों और पालकों से संवाद करते हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा के डर को दूर करना और छात्रों को 'एग्जाम वॉरियर' (Exam Warrior) बनाना है। छत्तीसगढ़ की इस नंबर-1 रैंकिंग से यह स्पष्ट है कि यहाँ के अभिभावक अब बच्चों पर परीक्षा का दबाव बनाने के बजाय उनके मित्र बनकर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहते हैं।