कैट ने आगामी आम बजट हेतु आयकर एवं जीएसटी सरलीकरण हेतु केन्द्रीय वित्तमंत्री को सुझाव दिया

कैट ने आगामी आम बजट हेतु आयकर एवं जीएसटी सरलीकरण हेतु केन्द्रीय वित्तमंत्री को सुझाव दिया

रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिन्दर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंधान, वासु मखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी, शंकर बजाज आदि ने संयुक्त रूप से बताया कि आगामी आम बजट हेतु आयकर एवं जीएसटी सरलीकरण के संबंध में केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी को सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं, जो निम्नानुसार हैं :-

आयकर हेतु सुझाव :-

  1. टीडीएस को हटाया जाना चाहिए (धारा 198)

  2. धारा 263 के तहत आदेश के अनुसार ताजा मूल्यांकन

  3. छोटे करदाताओं को दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक पूंजीगत लाभ पर राहत

  4. धारा 17(2) के अनुदान से संबंधित मुद्दे

  5. धारा 139(4) के अंतर्गत विलंबित रिटर्न की समय सीमा एवं धारा 139(5) के अंतर्गत संशोधित रिटर्न से संबंधित मुद्दे

  6. आईटीआर दाखिल करने के लिए अनिवार्य विलंब शुल्क को युक्तिसंगत बनाने से संबंधित मुद्दा (धारा 234एफ)

  7. धारा 139(8ए) के तहत अद्यतन रिटर्न से संबंधित मुद्दे

  8. प्राथमिक एवं द्वितीयक मेल दोनों पर ई-मेल के माध्यम से नोटिस आदि की सेवा अनिवार्य करना

  9. धारा 148 – मूल्यांकन को पुनः खोलने के नए प्रावधान

  10. अपीलों की प्राथमिकता पर सुनवाई एवं निपटान

  11. अन्य प्रक्रियात्मक मुद्दे

  12. असेसिंग ऑफिसर की उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना

  13. आईटीआर की प्रोसेसिंग न होने अथवा प्रोसेस्ड आईटीआर का रिफंड जारी न होने से संबंधित मुद्दे (विशेष रूप से बड़े रिफंड के मामले)

  14. खुदरा व्यापार को बढ़ावा देना

  15. वायदा बाजार

  16. धारा 56(2)

  17. टीडीएस से संबंधित मुद्दे

  18. नगद लेन-देन की सीमा

  19. आयकर रिटर्न से संबंधित प्रक्रियाएँ

  20. आयकर सर्च एवं सर्वे

  21. अन्य प्रावधानों में सुधार हेतु सुझाव

  22. धारा 154 (Rectification of mistake)

  23. रिफंड पर ब्याज (Interest on refunds)

  24. ITO (International Taxation)

जीएसटी सरलीकरण हेतु सुझाव :-

  1. एचएसएन कोड का मानकीकरण

  2. कम्पोजीशन डीलर की टर्नओवर सीमा में वृद्धि

  3. जीएसटीआर-3बी में संशोधन की सुविधा

  4. वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) में सुधार

  5. जीएसटीआर-2बी के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट को मान्य किया जाना

  6. नियम 86बी – इनपुट टैक्स क्रेडिट को 99 प्रतिशत तक सीमित करने का मुद्दा

  7. प्रारंभिक वर्षों से छूटा हुआ इनपुट टैक्स क्रेडिट

  8. विलंबित अपील एवं लंबित रिटर्न के लिए एम्नेस्टी

  9. अंतर्राज्यीय माल रोकने से संबंधित अपील की समस्याएँ

  10. मल्टी-ट्रेडर ट्रक रोकने की समस्या

  11. ई-इन्वॉइसिंग की स्थिति में खरीददार को इनपुट टैक्स क्रेडिट अनिवार्य रूप से मिलना

  12. ई-वे बिल जनरेशन पर प्रतिबंध

  13. धारा 149 का क्रियान्वयन – जीएसटी अनुपालन रेटिंग

  14. धारा 126 का विस्तार कर धारा 73 को शामिल करना

  15. धारा 16(2) के अंतर्गत खरीददार-विक्रेता भुगतान प्रावधानों को हटाना

अमर पारवानी ने केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी से निवेदन किया कि व्यापार एवं उद्योग के हित में जीएसटी सरलीकरण एवं आयकर से संबंधित उपरोक्त सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।