महिला IAS के बंगले में चल रहा था 'हाई-प्रोफाइल' सेक्स रैकेट; पुलिस की छापेमारी में 5 युवक और 4 युवतियां गिरफ्तार

महिला IAS के बंगले में चल रहा था 'हाई-प्रोफाइल' सेक्स रैकेट; पुलिस की छापेमारी में 5 युवक और 4 युवतियां गिरफ्तार

प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के पॉश इलाके एलेनगंज (Allen Ganj) में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। यहाँ एक महिला आईएएस (IAS) अधिकारी के बंद पड़े घर में देह व्यापार का बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। कर्नलगंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया है।

परिवार का झांसा देकर किराए पर लिया था मकान

मिली जानकारी के अनुसार, यह मकान एक महिला आईएएस अधिकारी का है जो वर्तमान में जिले से बाहर तैनात हैं। अधिकारी ने अपना यह पुश्तैनी मकान अनिल कुमार शुक्ला नामक व्यक्ति को 15,000 रुपये प्रति माह के किराए पर दिया था।

अनिल ने अनुबंध (Agreement) के समय यह दावा किया था कि वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्वक यहाँ रहेगा। हालांकि, अधिकारी के शहर में न होने का फायदा उठाकर उसने घर को अनैतिक गतिविधियों के अड्डे में तब्दील कर दिया।

पड़ोसियों के शक ने खुलवाई पोल

पिछले कुछ हफ्तों से मोहल्ले के लोग घर में अनजान पुरुषों और महिलाओं की संदिग्ध आवाजाही से परेशान थे। देर रात तक लग्जरी गाड़ियों के आने-जाने से स्थानीय निवासियों का शक गहरा गया, जिसके बाद पुलिस को इसकी गोपनीय सूचना दी गई।

पुलिस की छापेमारी और बरामदगी:

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने जब मकान की घेराबंदी कर छापा मारा, तो वहां से 5 युवक और 4 युवतियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया।

  • सामग्री: मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, कई मोबाइल फोन, ग्राहकों के नाम वाली डायरी और नकदी बरामद की गई है।

  • नेटवर्क: शुरुआती जांच में पता चला है कि यह रैकेट सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था।

आईएएस अधिकारी की भूमिका पर पुलिस का बयान

इस हाई-प्रोफाइल मामले में आईएएस अधिकारी का नाम जुड़ने के बाद पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया महिला अधिकारी की इस मामले में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। उन्हें धोखे में रखकर उनके घर का गलत इस्तेमाल किया गया है।

थाना प्रभारी का बयान: "मुख्य आरोपी अनिल शुक्ला ने किराएदारी की आड़ में धोखाधड़ी की है। सभी आरोपियों के खिलाफ 'अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम' (PITA) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह के तार अन्य शहरों से भी जुड़े हैं।"

क्षेत्र में सन्नाटा, सुरक्षा पर सवाल

एलेनगंज जैसे वीवीआईपी (VVIP) इलाके में, जहाँ कई जज और प्रशासनिक अधिकारी रहते हैं, वहां इस तरह का रैकेट चलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब मकान मालिकों के लिए 'टेनेंट वेरिफिकेशन' (Tenant Verification) को अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दे रही है।