मिडिल ईस्ट में बैन 'धुरंधर' प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी से मांगा हस्तक्षेप
नई दिल्ली। सुपरहिट स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ को मिडिल ईस्ट के कई देशों में बैन किए जाने को लेकर अब मामला सरकार तक पहुंच गया है। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस फैसले में हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि यह बैन पूरी तरह एकतरफा है और फिल्म निर्माताओं की रचनात्मक आज़ादी पर सीधा हमला है।
IMPPA ने अपने पत्र में साफ कहा है कि जब फिल्म को भारत में सेंसर बोर्ड (CBFC) से पूरी मंजूरी मिल चुकी है और वह बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमाई कर चुकी है, तो फिर उसे यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान जैसे देशों में रिलीज़ से रोकना समझ से परे है। संगठन के अनुसार, यह फैसला न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के भी खिलाफ है।
एसोसिएशन ने भारत और मिडिल ईस्ट देशों के बीच मजबूत व्यापारिक और सांस्कृतिक रिश्तों का भी ज़िक्र किया और केंद्र सरकार से अपील की कि वह राजनयिक स्तर पर बातचीत कर इस बैन को हटवाने की कोशिश करे। IMPPA का मानना है कि ऐसे मामलों में बातचीत के जरिए हल निकालना दोनों पक्षों के हित में है।
गौरतलब है कि रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ ने दुनियाभर में 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है और यह अब तक की सबसे सफल भारतीय फिल्मों में शामिल हो चुकी है। अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार की पहल से मिडिल ईस्ट में इस फिल्म की रिलीज़ का रास्ता खुल पाएगा या नहीं।

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