मोहम्मद नबी पर गिरी ICC की गाज: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में अंपायर से बहस पड़ी महंगी, लगा भारी जुर्माना!
नई दिल्ली। अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए आईसीसी पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-डी मैच के दौरान अफगानिस्तान के अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी को अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है। आईसीसी (ICC) ने मैच के दौरान अंपायरों के निर्देशों की अवहेलना करने के कारण नबी पर उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। नबी को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए निर्धारित आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.4 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है, जो पिछले 24 महीनों में उनकी पहली गलती है।
यह विवाद अफगानिस्तान की पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में शुरू हुआ। उस समय मोहम्मद नबी और मैदान पर मौजूद अंपायरों के बीच दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी एनगिडी द्वारा पहने गए 'रिस्टबैंड' को लेकर काफी लंबी बहस हुई थी। नबी ने मैच के बाद अपनी गलती स्वीकार कर ली और मैच रेफरी डेविड गिल्बर्ट द्वारा दी गई सजा को मान लिया, जिसके चलते इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। यह आरोप मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल, शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर के.एन. अनंथापद्मनाभन द्वारा लगाए गए थे।
आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल-1 के उल्लंघन पर अधिकतम 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइंट दिए जा सकते हैं। यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट तक पहुँच जाता है, तो उसे सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है, जिसका अर्थ एक टेस्ट या दो सीमित ओवरों के मैचों से प्रतिबंध हो सकता है। फिलहाल नबी के खाते में यह पहला पॉइंट है, जो उनके रिकॉर्ड में अगले 24 महीनों तक बना रहेगा। हालांकि इस जुर्माने के बावजूद नबी टूर्नामेंट के अगले मैचों में खेल सकेंगे, लेकिन उन्हें अब अपने मैदान व्यवहार पर अधिक सावधानी बरतनी होगी।

admin 









