राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार: 'अपने वादे तोड़ने की वजह से जेल में हैं आप, कोर्ट के आदेश से नहीं'
नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चेक बाउंस के पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने न केवल उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी, बल्कि उन्हें कड़ी फटकार भी लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजपाल यादव जेल में किसी अदालती आदेश की वजह से नहीं, बल्कि अपने स्वयं के आचरण और वादों को पूरा न करने के कारण हैं। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि अभिनेता ने अदालत के सामने कम से कम 25 से 30 बार पेश होकर पैसे चुकाने का आश्वासन दिया था, लेकिन हर बार वे अपने वादे से मुकर गए।
यह मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। ब्याज और पेनल्टी के साथ अब यह राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई है। बार-बार मोहलत मिलने के बावजूद भुगतान न करने पर कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद 5 फरवरी 2026 को उन्होंने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। सुनवाई के दौरान जब उनके वकील ने तर्क दिया कि अभिनेता को 'गुमराह' किया गया था, तो कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इतने वरिष्ठ वकीलों की मौजूदगी और खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के बाद गुमराह होने का सवाल ही नहीं उठता।

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