पंचतत्व में विलीन हुए 'अजीत पवार', PM मोदी-शाह ने दी अंतिम विदाई; ब्लैक बॉक्स खोलेगा हादसे का राज
बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और दिग्गज नेता अजित पवार (Ajit Pawar) का आज (गुरुवार) उनके गृह नगर बारामती में पूरे राजकीय सम्मान (Full State Honours) के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 'दादा' की अंतिम विदाई में बारामती में आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में हुए इस गमगीन माहौल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
वहीं, दूसरी ओर विमान हादसे की जांच में एक बड़ी सफलता मिली है। दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स (Black Box) बरामद कर लिया गया है, जिससे हादसे की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अजित पवार के पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में रखा गया था, जहाँ लाखों समर्थकों ने 'अजित दादा अमर रहें' के नारों के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी। पुलिस की टुकड़ी ने बंदूकों की सलामी दी और बिगुल बजाकर शोक व्यक्त किया।
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समय: सुबह करीब 11:00 बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।
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माहौल: सुप्रिया सुले, शरद पवार और अजित पवार के बेटे पार्थ व जय पवार बेहद भावुक नजर आए। पूरा परिवार इस दुख की घड़ी में एक साथ खड़ा दिखा।
PM मोदी और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह विशेष विमान से पुणे और फिर हेलिकॉप्टर से बारामती पहुंचे।
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पीएम मोदी ने अजित पवार के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया और शरद पवार व उनके परिवार को ढाढस बंधाया।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी पूरे समय मौजूद रहे। फडणवीस ने कहा, "महाराष्ट्र ने आज अपना एक बुलंद और कर्मठ नेता खो दिया है।"
क्रैश का सच: मिला 'ब्लैक बॉक्स', खुलेंगे राज
जांच एजेंसियों के लिए राहत की खबर यह है कि दुर्घटनाग्रस्त Learjet 45 (VT-SSK) विमान का ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) मलबे से बरामद कर लिया गया है। इसे अब जांच के लिए दिल्ली भेजा जाएगा।
हादसे की संभावित वजह (DGCA रिपोर्ट):
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की शुरुआती जांच में 'खराब मौसम' और 'लो विजिबिलिटी' (कम दृश्यता) को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
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पहला प्रयास फेल: रिपोर्ट्स के मुताबिक, घने कोहरे के कारण पायलट को पहली बार में रनवे दिखाई नहीं दिया, इसलिए उन्होंने लैंडिंग टाल दी (Go-around)।
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दूसरा प्रयास: जब पायलट ने दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश की, तब भी विजिबिलिटी कम थी। इसी दौरान विमान रनवे से पहले ही क्रैश हो गया और आग के गोले में तब्दील हो गया।
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पायलट की बातचीत: ब्लैक बॉक्स से यह पता चलेगा कि लैंडिंग से ठीक पहले पायलट और एटीसी (ATC) के बीच क्या बात हुई थी और क्या कोई तकनीकी खराबी भी थी।
???? राजनीतिक सवाल और जांच
हादसे को लेकर कुछ राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं ने हादसे पर संदेह जताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। हालांकि, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी।

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