भ्रष्टाचार मामले में शेख हसीना को 10 साल की सजा, बांग्लादेश की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
ढाका। बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने सोमवार, 2 फरवरी 2026 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों में कुल 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-4 के न्यायाधीश रबीउल आलम ने यह फैसला राजुक (RAJUK) न्यू टाउन परियोजना में भूखंडों के अवैध आवंटन से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में सुनाया।
सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
अदालत ने पाया कि 78 वर्षीय हसीना ने अपने कार्यकाल के दौरान आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए पूर्वाचल न्यू टाउन परियोजना में नियमों को ताक पर रखकर अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कीमती भूखंड (Plots) आवंटित किए थे।
-
सजा का गणित: न्यायाधीश ने प्रत्येक मामले में हसीना को 5-5 साल की सजा सुनाई, जो कुल मिलाकर 10 साल होती है। इसके साथ ही उन पर 1 लाख टका का जुर्माना भी लगाया गया है।
रिश्तेदारों को भी जेल
इस मामले में केवल शेख हसीना ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के कई हाई-प्रोफाइल सदस्यों को भी सजा दी गई है:
-
ट्यूलिप सिद्दीक (Tulip Siddiq): हसीना की भांजी और ब्रिटिश लेबर पार्टी की सांसद को 4 साल की जेल की सजा सुनाई गई है।
-
रदवान मुजीब सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक: हसीना के भतीजे और एक अन्य भांजी को क्रमशः 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा मिली है।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
| दोषी व्यक्ति | सजा की अवधि | पद/रिश्ता |
| शेख हसीना | 10 साल | पूर्व प्रधानमंत्री |
| रदवान मुजीब सिद्दीक | 7 साल | भतीजा |
| अजमीना सिद्दीक | 7 साल | भांजी |
| ट्यूलिप सिद्दीक | 4 साल | भांजी (ब्रिटिश सांसद) |
अनुपस्थिति में हुई सुनवाई (Trial in Absentia)
अगस्त 2024 में छात्र विद्रोह और हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया था और वे फिलहाल भारत में निर्वासन में रह रही हैं। चूंकि वे और उनके रिश्तेदार अदालत में उपस्थित नहीं थे, इसलिए यह पूरी सुनवाई उनकी अनुपस्थिति में की गई। अदालत ने उन्हें पहले ही 'भगोड़ा' घोषित कर रखा है।

admin 









