Union Budget : इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स

Union Budget : इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जो उनका लगातार नौवां बजट है। यह पहली बार रविवार को पेश हुआ बजट है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) को 12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है। सरकार ने 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाने की घोषणा की। हालांकि, आम आदमी की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की थी, लेकिन इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। पिछले बजट में नए टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट दी गई थी, लेकिन इस बार स्लैब वही बने रहे।  बजट का फोकस आत्मनिर्भर भारत, मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट, क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग, बायोफार्मा और रिन्यूएबल एनर्जी पर रहा। कस्टम ड्यूटी में कई राहतों से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कई रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी।
वहीं, कुछ सेगमेंट में टैक्स बढ़ोतरी से महंगाई का असर भी पड़ेगा।

आइए जानते हैं बजट के मुख्य असर आपके जेब पर

क्या सस्ता हुआ 

बजट में कस्टम ड्यूटी छूट और एक्साइज में राहत से कई जरूरी रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे
शुगर (डायबिटीज) और कैंसर की दवाएं : कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी राहत दी गई। 17 या इससे अधिक आवश्यक कैंसर दवाओं पर ड्यूटी छूट से इलाज का खर्च कम होगा, जो लाखों मरीजों के लिए राहत है।
खेल-कूद के सामान :  खेल इक्विपमेंट और स्पोट्र्स गुड्स के इनपुट्स पर राहत से खेल सामग्री सस्ती होगी। खेलो इंडिया मिशन के फोकस से युवाओं को फायदा।
बायोगैस मिश्रित सीएनजी (ब्लेंडेड सीएनजी) : बायोगैस वाली मात्रा पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह हटाई गई, जिससे मिश्रित सीएनजी सस्ती होगी और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।
माइक्रोवेव ओवन : माइक्रोवेव ओवन के स्पेसिफाइड पाट्र्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट से घरेलू उपकरण सस्ते होंगे।
ईवी बैटरी और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपोनेंट्स: ईवी बैटरी लोकलाइजेशन और पाट्र्स पर ड्यूटी राहत से इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी सस्ती हो सकती हैं।
चमड़े के जूते और लेदर प्रोडक्ट्स – लेदर गुड्स/जूतों के इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट लिमिट बढ़ाई गई, जिससे जूते और लेदर आइटम्स सस्ते होंगे। इसके अलावा कपड़े भी सस्ते होंगे ।
सोलर पैनल :  क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग के कैपिटल गुड्स पर ड्यूटी छूट से सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी और पैनल सस्ते हो सकते हैं।
मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स : मोबाइल पाट्र्स (डिस्प्ले आदि) पर राहत और पर्सनल इम्पोर्टेड गुड्स पर टैरिफ 20त्न से घटाकर 10 प्रतिशत करने से मोबाइल फोन सस्ते हो सकते हैं।

क्या महंगा हुआ

कुछ सेगमेंट में टैक्स बढ़ोतरी या कोई राहत न मिलने से महंगाई का असर पड़ेगा
शराब :  एक्साइज या कस्टम में कोई बड़ी छूट नहीं, कुछ कैटेगरी में टैक्स बढऩे की संभावना से शराब महंगी रहेगी या और महंगी हो सकती है।
तंबाकू/सिगरेट/पान मसाला :  इन पर 40 प्रतिशत अतिरिक्त एक्साइज बढ़ोतरी से सिगरेट 2 से 8.50 तक महंगी हो गई।
स्क्रैप (मेटल स्क्रैप) : ड्यूटी में कोई राहत नहीं या बढ़ोतरी की संभावना से स्क्रैप महंगा रहेगा।
खनिज/क्रिटिकल मिनरल्स : इम्पोर्टेड फिनिश्ड प्रोडक्ट्स पर महंगाई बनी रह सकती है, हालांकि प्रोसेसिंग को बूस्ट मिला।
फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग : डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाया गया, जिससे ट्रेडिंग कॉस्ट महंगी हुई।
कुल मिलाकर, बजट में हेल्थ, स्पोट्र्स, ग्रीन एनर्जी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से आम आदमी की कई जरूरतें सस्ती होंगी, लेकिन लक्जरी और हानिकारक प्रोडक्ट्स महंगे रहेंगे।

इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए टैक्स रिजीम में पहले की तरह ?12 लाख तक की इनकम पर प्रभावी टैक्स छूट बनी रहेगी, लेकिन स्लैब रेट्स या बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे सैलरीड क्लास को कोई अतिरिक्त राहत नहीं मिली, हालांकि अन्य डिडक्शन जैसे हेल्थ इंश्योरेंस (सेक्शन 80 प्रतिशत) में कुछ विस्तार की उम्मीद बनी हुई है।