गुजरात में बड़ा सियासी उलटफेर: कांग्रेस को पीछे छोड़ 'आम आदमी पार्टी' बनी दूसरी सबसे बड़ी ताकत
गांधीनगर/अहमदाबाद। गुजरात की राजनीति में दशकों से चले आ रहे द्विध्रुवीय (BJP बनाम कांग्रेस) समीकरण अब पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। हालिया 'Pulse of Gujarat 2026' सर्वे के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। WeePreside और CIF द्वारा किए गए इस व्यापक सर्वे के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) अब राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर कर सामने आई है।
वोट शेयर में 'झाड़ू' का दम
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि गुजरात में AAP का आधार तेजी से बढ़ा है। पार्टी का वोट शेयर अब 24.8% के करीब पहुँच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी और शहरी युवाओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता ने अरविंद केजरीवाल की पार्टी को इस मुकाम पर पहुँचाया है।
BJP vs AAP: नई सियासी जंग
सर्वे के निष्कर्षों पर गौर करें तो गुजरात अब एक नए राजनीतिक युग की ओर बढ़ रहा है। राज्य में अब भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी से होता दिख रहा है। हालांकि, भाजपा अभी भी अपने मजबूत गढ़ को बचाने में सफल दिख रही है, लेकिन विपक्षी खेमे में AAP की धमक ने सत्ताधारी दल के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी
यह सर्वे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। संगठनात्मक कमजोरी और स्थानीय नेतृत्व के अभाव के चलते कांग्रेस का जनाधार खिसककर तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। आगामी स्थानीय चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह रिपोर्ट विपक्षी एकता और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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