रायपुर के गोढ़ी में बनेगा चार हजार कैदियों की क्षमता वाला जेल
रायपुर। प्रदेश के जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखे जाने, जेलों में असुविधा व अमानवीय व्यवहार सहित अन्य मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है। डीजी जेल ने हाई कोर्ट को बताया कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर व बेमेतरा में नए जेलों का निर्माण किया जा रहा है। बेमेतरा में ओपन जेल बनाया जा रहा है। राजधानी रायपुर के गोढ़ी गांव में चार हजार बंदियों की क्षमता वाली जेल का निर्माण का प्रस्ताव है।
छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों की दुर्दशा और ओवर क्राउड को लेकर जनहित याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। राज्य शासन के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, ओवरक्राउंडिंग की समस्या को हल करने के लिए, राज्य सरकार ने नई सुविधायुक्त जेलों का निर्माण शुरू किया है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच को बताया, बिलासपुर के बैमा नागोई में एक नई जेल का निर्माण किया जा रहा। इसके अलावा, बेमेतरा में 200 कैदियों की क्षमता वाली एक ओपन जेल बनाया जा रहा है।
पीआईएल की सुनवाई के दौरान डीजीपी जेल की ओर से शपथ पत्र पेश किया गया। डीजी जेल ने कोर्ट को बताया, कि प्रदेशभर के जेल सुपरिटेंडेंट को मॉडल प्रिजन मैनुअल, 2016 में दिए गए प्रावधानों का सख्ती के साथ पालन करने का निर्देश दिया है। रायपुर जिले के गोढ़ी गांव में एक नई जेल बनाने का प्रस्ताव है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच को बताया, मॉडल प्रिजन मैनुअल, 2016 के हिसाब से नई जेल बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और इसके अलावा, मैनुअल, 2016 में दिए गए निर्देशों और प्रावधान के महत छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला मुख्यालय में 200 कैदियों रायपुर जिले के गोढ़ी गांव में 4,000 कैदियों की क्षमता वाली नई जेल बनाने का प्रस्ताव है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच ने 13 जून की तिथि तय कर दी है।

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