मेहनतकश किसानों की समस्याओं को सुनने सरकार तैयार नहीं : भूपेश

मेहनतकश किसानों की समस्याओं को सुनने सरकार तैयार नहीं : भूपेश

गातापार (कोर्रा) में आयोजित लोककला महोत्सव के समापन पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री

धमतरी (चैनल इंडिया)। धान की कीमत, लिमिट और केंद्र बढ़ाने के बावजूद आज किसान टोकन, भुगतान और उपज बिक्री के लिए सोसायटियों में भटक रहे हैं फिर भी वे किसानों की समस्या सुनने तैयार नहीं है। डबल इंजन वाली भाजपा सरकार किसानों को एक बोरी डीएपी और यूरिया उपलब्ध नहीं करा सकती। इससे किसान परेशान  हैं। उक्त बातें प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने विष्णुदेव साय सरकार पर हमला करते हुए कही।
रविवार को कुरूद ब्लॉक के ग्राम गातापार (कोर्रा) में आयोजित तीन दिवसीय लोक कला महोत्सव के समापन अवसर पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, जयंती और तीज त्योहारों को संरक्षित कर उसे संजोने का काम किया। सरकारी अवकाश भी घोषित किया लेकिन भाजपा की सरकार आते ही यह सब फिर भूल गई। ऐसे समय में इस गांव के युवाओं ने लोक कला महोत्सव का आयोजन कर हमारी संस्कृक्ति, परंपरा, कला को जिंदा रखा है।  
पूर्व सीएम बघेल ने विष्णुदेव साय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेहनतकश व उन्नतशील किसानों की समस्याओं को सुनने आज सरकार तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन चीज़ों को उनकी सरकार ने आसान कर दिया था, लेकिन आज फिर भाजपा सरकार में किसानों को परेशानियों, तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।  विष्णुदेव साय की सरकार बनने ही किसानों को टोकन, बिक्री और भुगतान के लिए भटकना पड़ रहा है। किसानों को 1300 की डीएपी को 2000 और 300 की यूरिया को 700 में खरीदना पड़ा।  भूपेश बघेल ने कहा कि आज धान खरीदी में 31 सौ जो मिल रहा है, वह कांग्रेस सरकार की देन है। अगर उनकी सरकार रहती तो धान की कीमत 4 हजार तक पहुंच जाती। भूपेश ने कहा कि हमने आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल खोले और भाजपा सरकार दारू भट्टी खोल रही है।  इसके पूर्व कार्यक्रम को विधायक ओंकार साहू, विधायक अम्बिका मरकाम, पूर्व विधायक लेखराम साहू, गिरीश देवांगन ने बिजली बिल, धान खरीदी व्यवस्था, छत्तीसगढ़ की संस्कृक्ति परंपरा को लेकर विष्णुदेव साय सरकार पर जमकर निशाना साधा। लोककला महोत्सव में तीन दिनों तक नाचा, गम्मत, जसगीत, मानसगान, रामधुनी, फाग आदि कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। इस अवसर पर आलोक चंद्राकर, शरद लोहाना, भरत नाहर, गोविंद साहू, शारदा साहू, डॉ राजू साहू, विनोद जैन, धर्मेंद्र कुर्रे, बसंत साहू, सहित आयोजक समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।