4 जनवरी 2026 का पंचांग : आज से माघ स्नान प्रारंभ, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और रवि योग का संयोग

4 जनवरी 2026 का पंचांग : आज से माघ स्नान प्रारंभ, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और रवि योग का संयोग

नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज रविवार, 4 जनवरी 2026 को माघ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज से पवित्र माघ स्नान की शुरुआत हो रही है। शास्त्रों में माघ मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है।

आइए जानते हैं आज के पंचांग के मुख्य बिंदु, ग्रह नक्षत्रों की चाल और आपके लिए आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

प्रमुख विवरण (Basic Details)

  • तारीख: 4 जनवरी 2026

  • वार: रविवार

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

  • तिथि: प्रतिपदा (दोपहर 12:29 बजे तक, उसके बाद द्वितीया)

  • मास: माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमांत)

  • संवत्: विक्रम संवत 2082 (विश्वावसु), शक संवत 1947

नक्षत्र और योग (Nakshatra & Yoga)

  • नक्षत्र: पुनर्वसु (दोपहर 03:11 बजे तक, फिर पुष्य नक्षत्र)

  • योग: वैधृति (रात्रि 01:47 बजे तक, 5 जनवरी, फिर विष्कुम्भ)

  • करण: कौलव (दोपहर 12:29 बजे तक, फिर तैतिल)

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

रविवार का दिन होने के कारण आज सूर्य देव की आराधना के लिए सर्वोत्तम समय निम्नलिखित है:

मुहूर्त समय (नई दिल्ली के अनुसार)
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:47 तक
अमृत काल दोपहर 01:01 से 02:27 तक
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:26 से 06:20 तक
रवि योग दोपहर 03:11 से अगले दिन सुबह 07:15 तक

सावधानी: राहुकाल और अशुभ समय

आज रविवार है, इसलिए राहुकाल सायंकाल के समय रहेगा। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: शाम 04:20 से 05:38 तक

  • यमगण्ड: दोपहर 12:26 से 01:44 तक

  • गुलिक काल: दोपहर 03:02 से 04:20 तक

  • दिशा शूल: पश्चिम (रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है)

खगोलीय स्थिति (Sun & Moon Times)

  • सूर्योदय: सुबह 07:15 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 05:38 बजे

  • चन्द्रोदय: शाम 06:40 बजे

  • चंद्रास्त: सुबह 08:07 बजे (5 जनवरी)

  • चन्द्र राशि: मिथुन (सुबह 09:43 तक), उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश।

आज का विशेष महत्व: माघ मास की शुरुआत

आज से 'माघ' का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। पद्म पुराण के अनुसार, माघ मास में प्रयागराज या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। आज के दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य देना और 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करना आरोग्य और यश प्रदान करता है।