विवाद के बाद लोकपाल का बड़ा फैसला: 5 करोड़ की 7 लग्जरी BMW कारों का टेंडर रद्द
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की सर्वोच्च संस्था लोकपाल ने सात लग्जरी BMW कारें खरीदने के अपने पिछले फैसले को वापस ले लिया है। इस खरीद को लेकर पिछले दो महीनों से सिविल सोसाइटी और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई थी, जिसके बाद लोकपाल की पूर्ण पीठ (Full Bench) ने टेंडर रद्द करने का आधिकारिक आदेश जारी किया।
खबर के मुख्य बिंदु:
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टेंडर की लागत: लोकपाल ने अक्टूबर 2025 में 7 लग्जरी कारों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया था, जिसकी अनुमानित लागत करीब 5 करोड़ रुपये थी।
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विवाद का कारण: पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली संस्था द्वारा जनता के पैसे से इतनी महंगी और 'स्टेटस सिंबल' मानी जाने वाली गाड़ियों की खरीद पर सवाल उठाए गए थे। आलोचकों का तर्क था कि यह 'मितव्ययिता' (Austerity) के सिद्धांतों के खिलाफ है।
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अधिकारिक अधिसूचना: पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, लोकपाल ने 16 दिसंबर 2025 को एक शुद्धिपत्र (Corrigendum) जारी कर इस निविदा (Tender) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की।
क्यों रद्द हुआ टेंडर?
लोकपाल के सूत्रों के अनुसार, संस्था ने महसूस किया कि लग्जरी कारों की खरीद से जनता के बीच एक गलत संदेश जा रहा था। लोकपाल की पूर्ण पीठ ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया कि संस्था को उच्च नैतिक मानकों का पालन करना चाहिए और फिजूलखर्ची से बचना चाहिए।
प्रतिक्रियाएं:
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विपक्ष: कांग्रेस और अन्य दलों ने इसे "देर आए दुरुस्त आए" वाला कदम बताया है। उन्होंने मांग की थी कि लोकपाल को सादगी का उदाहरण पेश करना चाहिए।
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सोशल मीडिया: इस फैसले का सोशल मीडिया पर व्यापक स्वागत हुआ है। लोगों का मानना है कि लोकपाल जैसी संस्था को अपनी छवि 'लग्जरी' नहीं बल्कि 'निष्पक्ष और पारदर्शी' रखनी चाहिए।

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