सहायक राजस्व निरीक्षक पर सब्जी विक्रेता से अवैध वसूली का आरोप, जांच कमेटी गठित
रायपुर। नगर निगम एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। इस बार आरोप सहायक राजस्व निरीक्षक महेश बाघ पर लगे हैं, जिन्होंने एक सब्जी विक्रेता से अवैध वसूली की मांग की। यह मामला जोन-5 की टीम की हाल ही में की गई कार्रवाई से जुड़ा हुआ है, जब कुशालपुर क्षेत्र स्थित दंतेश्वरी मंदिर से रिंग रोड नंबर 1 तक अवैध ठेले हटाने के लिए एक अभियान चलाया गया।
स्थानीय सब्जी विक्रेता बसंत सोना ने आरोप लगाया है कि महेश बाघ ने उनसे पैसे की मांग की। सोना के मुताबिक, 11 फरवरी को महेश बाघ ने उनसे कहा था कि यह राशि जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के खर्चों के लिए है। जब सोना ने पैसे देने से इनकार किया, तो 18 फरवरी को महेश बाघ ने अपने साथियों कुलदीप बंसरे और मो. सब्दुल के साथ उनके ठेले को जब्त कर लिया, जबकि कार्यालय का समय पहले ही खत्म हो चुका था।
बसंत सोना ने आरोप लगाया कि महेश बाघ शराब के नशे में रहते हुए अवैध वसूली करते हैं। सोना ने जोन कमिश्नर से इस बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में भी इस मामले से संबंधित कोई लिखित शिकायत या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सोना ने यह सवाल उठाया कि यदि सड़क पर 20-30 अवैध ठेले खुलेआम चल रहे थे, तो केवल उनके ठेले पर ही कार्रवाई क्यों की गई? इस घटना के बाद से यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
अप्रैल 2025 में नगर निगम के 70 वार्डों के ए.आर.आई. का तबादला हुआ था, लेकिन महेश बाघ का तबादला नहीं हुआ। बसंत सोना ने अब रायपुर कलेक्टर और निगम कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजकर महेश बाघ के निलंबन की मांग की है।
वहीं, जोन कमिश्नर खीरसागर नायक ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध ठेले और गुमटियां यातायात में रुकावट डालती हैं, इस कारण नगर निगम समय-समय पर कार्रवाई करता है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी पर समान रूप से कार्रवाई हो।
पीड़ित सब्जी विक्रेता बसंत सोना और स्थानीय लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की है।

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