छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज: आम आदमी पार्टी छोड़ने पर संदीप पाठक के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन
AAP
मुंगेली। आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद Sandeep Pathak को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी तापमान बढ़ गया है। मंगलवार को मुंगेली जिले के उनके पैतृक गांव बटहा में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान नाराज कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए घर की दीवार पर ‘गद्दार’ लिखकर अपना आक्रोश जताया।
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में पहुंचे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संदीप पाठक पर विश्वासघात और अवसरवाद का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने दीवारों पर तीखी टिप्पणियां लिखते हुए कहा कि जिस दल ने उन्हें पहचान दी, उसी को छोड़कर उन्होंने जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ किया है। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कड़े शब्दों में नाराजगी जताते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा किया।
गौरतलब है कि Aam Aadmi Party में संदीप पाठक को एक प्रमुख रणनीतिकार के रूप में जाना जाता था। पंजाब में पार्टी की सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है, जिससे उनकी पहचान एक प्रभावशाली संगठनकर्ता के रूप में बनी थी।
24 अप्रैल 2026 को Raghav Chadha, संदीप पाठक और Ashok Mittal ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन कर आम आदमी पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। इस दौरान राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी और अपने साथ कई अन्य सांसदों के समर्थन का दावा किया। उन्होंने Harbhajan Singh, Swati Maliwal, Vikram Sahney और Rajinder Gupta के नाम भी गिनाए। पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब और एक दिल्ली से हैं।
इस घटनाक्रम के बाद Rajya Sabha के सभापति ने राघव चड्ढा और हरभजन सिंह सहित सातों बागी सांसदों को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की स्वीकृति दे दी है। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना में इन सभी को भाजपा का सदस्य माना गया है।
इन सात सांसदों के शामिल होने के बाद राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि छत्तीसगढ़ में भी राजनीतिक माहौल गरमा गया है और इसके दूरगामी प्रभाव देखने की संभावना जताई जा रही है।

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