ई-ऑक्शन और डिजिटल सिस्टम से बदलेगा रेत कारोबार : आम जनता को मिलेगा सीधा फायदा

ई-ऑक्शन और डिजिटल सिस्टम से बदलेगा रेत कारोबार :  आम जनता को मिलेगा सीधा फायदा
खदानें अब सीएमडीसी के हवाले 
रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रेत खदानों के संचालन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ माइनर मिनरल्स (सेंड माइनिंग एंड ट्रेड) 2025 लागू कर खनन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक-आधारित और जनहित केंद्रित बना दिया है। इस नई नीति का उद्देश्य रेत की सुगम उपलब्धता, अवैध खनन पर रोक और राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
नई रेत नीति में खदानों के आवंटन के लिए ई-नीलामी प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। इससे पहले जहां आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी की शिकायतें आती थीं, अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और प्रतिस्पर्धी बन गई है। इससे योग्य हितधारकों को समान अवसर मिल रहा है और राज्य के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
सरकार ने रेत खदानों के संचालन में जवाबदेही बढ़ाने के लिए उन्हें खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) जैसे सरकारी उपक्रमों के लिए आरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इससे खनन गतिविधियां अधिक नियंत्रित और व्यवस्थित होंगी तथा निजी स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगेगी। नई नीति का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। पहले जहां रेत की कमी और ऊंची कीमतें निर्माण कार्यों में बाधा बनती थीं, अब आपूर्ति प्रणाली मजबूत होने से रेत आसानी से उपलब्ध होगी। इसका सीधा लाभ प्रधानमंत्री आवास योजना और निजी निर्माण कार्यों को मिलेगा, जिससे घर बनाना सस्ता और सुलभ होगा।